बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। पुलिस विभाग में लगातार तबादलों की श्रृंखला जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को राज्य के 18 थानाध्यक्षों का तबादला कर दिया गया है। इससे पहले 30 जुलाई को 62 पुलिस इंस्पेक्टरों के तबादले किए गए थे।
विशेष शाखा को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
इस बार जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उनमें कई को विशेष शाखा (Special Branch) में तैनाती दी गई है। इसमें कोतवाली थाना प्रभारी राजन कुमार, पिरबहोर थाना प्रभारी अब्दुल हलीम सहित बुद्धा कॉलोनी के विजय कुमार यादवेंदु, शास्त्री नगर के अमर कुमार और गर्दनीबाग के परितोष कुमार प्रमुख हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों को उनकी अनुभव क्षमता, विश्लेषण दक्षता और खुफिया जानकारी संकलन के आधार पर विशेष शाखा में भेजा गया है। चुनावों के दौरान संवेदनशील सूचनाओं को एकत्र करना और उनका विश्लेषण करने में यह इकाई अहम भूमिका निभाती है।

प्रशासनिक सख्ती के स्पष्ट संकेत
लगातार हो रहे इन तबादलों को चुनाव पूर्व प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशीलता के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस मुख्यालय की कोशिश है कि कोई भी अधिकारी किसी एक थाना क्षेत्र में अधिक समय तक ना रहे, जिससे निष्पक्षता बनी रहे और स्थानीय राजनीतिक हस्तक्षेप को रोका जा सके।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि
“चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत स्थानांतरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक कदम है।”
अब तक कई स्तरों पर हो चुका है फेरबदल
पिछले कुछ हफ्तों में डीएसपी, एसपी, इंस्पेक्टर से लेकर सिपाहियों तक का तबादला किया गया है। 30 जुलाई को जहाँ 62 पुलिस इंस्पेक्टरों का एक साथ ट्रांसफर हुआ, वहीं 31 जुलाई की देर शाम 18 नए पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया गया।
चुनाव से पहले पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क
राजनीतिक दलों की सक्रियता के बीच अब पुलिस प्रशासन भी अपने स्तर पर कसावट में जुट गया है। अगले कुछ हफ्तों में और भी तबादलों की संभावना जताई जा रही है, खासकर संवेदनशील जिलों और बॉर्डर इलाकों में।
बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, प्रशासनिक मशीनरी गति पकड़ती जा रही है। पुलिस विभाग में लगातार हो रहे तबादले यह दर्शाते हैं कि सरकार और चुनाव आयोग निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने को लेकर सजग और प्रतिबद्ध हैं।


