भागलपुर सदर अस्पताल में गर्भवती महिला को हो रही थी ब्लीडिंग 4.5 घंटे बाद मिली एंबुलेंस

भागलपुर सदर अस्पताल में दर्द व ब्लीडिंग का इलाज कराने आई चार माह की गर्भवती महिला की जांच गई तो पता चला कि उसका गर्भपात हो चुका है। नर्सों ने उसे मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि जिम्मेदारों ने दर्द व रक्तस्राव के कारण कराहती महिला को एंबुलेंस का इंतजाम नहीं किया। करीब साढ़े चार घंटे तक दर्द से बेजार प्रसूता एंबुलेंस के लिए तरसती रही। अंत में मीडिया के जरिये इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दी गई। तब जाकर उसे दोपहर करीब पौने एक बजे उसे एंबुलेंस में लादकर मायागंज अस्पताल भेजा गया।

जगदीशपुर प्रखंड क्षेत्र की रहने वाली पिंकी देवी चार माह की गर्भवती थी। उसे मंगलवार की सुबह में दर्द व ब्लीडिंग की समस्या हुई तो उसके परिजन उसे लेकर मंगलवार की सुबह साढ़े आठ बजे सदर अस्पताल पहुंच गये। यहां पर एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) में डॉ. अल्पना मित्रा ने पाया कि उसका गर्भपात हो चुका है और तत्काल ही पिंकी देवी को मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि उन्हें तत्काल एंबुलेंस नहीं मिली और वह अस्पताल परिसर में दोपहर साढ़े 12 बजे तक पड़ी रही। इसकी जानकारी जब अस्पताल के मैनेजर आशुतोष कुमार को हुई तो उन्होंने पौने एक बजे एंबुलेंस उपलब्ध कराकर अस्पताल भिजवाया।

पता चलते ही एंबुलेंस उपलब्ध कराया मैनेजर

वहीं हॉस्पिटल मैनेजर आशुतोष कुमार ने बताया कि उन्हें जैसे ही एएनसी रूम में जांच कर रही डॉ. अल्पना मित्रा ने उन्हें रेफर होने की बात बताई तो उन्होंने एंबुलेंस को उपलब्ध करा दिया। मंगलवार को सुबह 11 से लेकर सवा 11 बजे उसे एंबुलेंस में डालकर मायागंज अस्पताल इलाज के लिए भेज दिया गया। वहीं अस्पताल प्रभारी डॉ. राजू ने बताया कि सूचना मिलते ही तुरंत ही एंबुलेंस उपलब्ध करायी गयी।

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