पटना। बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने एक बार फिर साफ और पारदर्शी राजनीति का संदेश देते हुए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में न तो किसी बाहुबली की जगह है, न ही धन, बल या रसूख के दम पर टिकट मिलेगा।
“जन सुराज से आम लोगों के बच्चे लड़ेंगे चुनाव”
प्रशांत किशोर ने कहा, “जन सुराज में किसी भी ‘बाहुबली’ के लिए कोई जगह नहीं है — चाहे वह बंदूक हो, पैसा हो, शराब हो, रेत हो या राजनीतिक बाहुबली। जन सुराज से आम लोगों के बच्चे चुनाव लड़ेंगे।”
उनका यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि वे बिहार की पारंपरिक राजनीति की व्यवस्था को चुनौती देने के लिए गंभीर हैं, जिसमें बाहुबल, पूंजी और जातिगत समीकरणों की भूमिका प्रमुख रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल पर हमला तेज
प्रशांत किशोर ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल पर भी बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जायसवाल पर “जघन्य अपराध” करने के आरोप हैं, लेकिन वे इन पर कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। किशोर ने मीडिया से कहा, “हम डॉ. दिलीप जायसवाल का और भाजपा का पर्दाफाश करेंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सीमांचल और किशनगंज इलाके में दिलीप जायसवाल ने एक माफिया गठजोड़ तैयार किया है और भाजपा इस पर चुप्पी साधे बैठी है। किशोर ने कहा कि 18 जुलाई से पहले वे इस मुद्दे पर और तथ्य सामने लाएंगे।
“नीतीश कुमार का मुफ्त बिजली वादा सिर्फ चुनावी स्टंट”
प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी नहीं बख्शा। उन्होंने 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को “प्रचार का हथकंडा” करार देते हुए कहा, “20 साल सत्ता में रहने के बाद, नीतीश कुमार के वादों पर अब जनता भरोसा नहीं करती।”
किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार के लोग स्मार्ट प्रीपेड मीटर, गलत बिलिंग और बढ़ते बिलों से त्रस्त हैं, लेकिन मुख्यमंत्री केवल लोकलुभावन घोषणाएं कर रहे हैं। उन्होंने भविष्यवाणी की कि नवंबर के बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलेगा।
प्रशांत किशोर के हालिया बयान आगामी चुनावों में जन सुराज पार्टी की रणनीति और तेवर को दर्शाते हैं। उनके निशाने पर भाजपा, जदयू और परंपरागत राजनीति की पूरी संरचना है। अब देखना यह होगा कि उनके इन आरोपों और वादों का जनता और सियासी दलों पर क्या असर पड़ता है।


