प्रशांत किशोर ने पूर्णिया में जनसभा में बिहार बदलाव का विजन साझा किया, संवैधानिक संशोधन बिल का किया समर्थन

पूर्णिया, 20 अगस्त 2025:जन सुराज के संस्थापक और रणनीतिकार प्रशांत किशोर अपनी बिहार बदलाव यात्रा के तहत आज पूर्णिया में ‘बिहार बदलाव जनसभा’ को संबोधित करने पहुंचे। कसबा के गढ़बनैली हाई स्कूल मैदान में आयोजित इस जनसभा में उन्होंने राज्य के वर्तमान राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर अपनी चिंताएँ साझा की।

संवैधानिक सुधारों का समर्थन:
प्रशांत किशोर ने केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए नए संवैधानिक संशोधन बिल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने यह नहीं सोचा होगा कि सत्ता में आने वाले लोग इतने भ्रष्ट और बड़े अपराधी होंगे कि जेल जाने के बाद भी अपने पद पर बने रहेंगे। उनका कहना था कि यह बिल ऐसे नेताओं को सत्ता में बने रहने से रोकने के लिए बेहद जरूरी है।

राजद पर तंज:
इस अवसर पर प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजद ने हमेशा लाठी-डंडा, कट्टा और बंदूक जैसी हिंसा पर आधारित राजनीति की है। उनके अनुसार, राजद के राज में लूट, हत्या और अपहरण जैसी घटनाएँ आम रही हैं, और आज यह सच स्वीकार किया गया है।

बिहार में बाढ़ की समस्या पर चिंता:
प्रशांत किशोर ने बिहार में बाढ़ के मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। सीमांचल, भागलपुर-मुंगेर और अन्य बड़े हिस्सों में बाढ़ हर बार जनता के लिए संकट और नेताओं-अफसरों के लिए कमाई का जरिया बन गई है।

‘वाटर ग्रिड’ की योजना:
बाढ़ से निपटने के लिए जन सुराज पार्टी का विजन साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर बिहार में बाढ़ लाने वाली नदियों के पानी को मध्य और दक्षिण बिहार तक नियंत्रित रूप से पहुंचाने के लिए एक समग्र ‘वाटर ग्रिड’ का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना कोसी, गंडक और अन्य प्रमुख नदियों के जल प्रबंधन में मदद करेगी और बाढ़ के प्रभाव को कम करेगी।

भविष्य के समाधान और विकास:
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में पानी का सही प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के जरिए बाढ़ नियंत्रण के उपाय किए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अक्षमता के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

जनसभा का समापन:
जनसभा में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिन्होंने प्रशांत किशोर की योजनाओं और सुझावों का समर्थन किया। उन्होंने जनता से अपील की कि राज्य की एकता, अखंडता और संविधान की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएँ।


 

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