
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में बड़े बदलाव के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं के मुद्दों की आड़ में सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है, जबकि मोदी सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
‘छात्र राहुल गांधी की राजनीति को गंभीरता से नहीं लेते’
बीजेपी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के समर्थन के नाम पर केवल राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में छात्रों और युवाओं के भविष्य के लिए कोई ठोस काम नहीं किया, जबकि आज भी वह छात्रों के आंदोलनों का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। तिवारी ने कहा कि देश का युवा अब इस राजनीति को समझ चुका है और कांग्रेस के पास न कोई स्पष्ट नीति है और न ही कोई दूरदृष्टि।
‘मोदी सरकार छात्रों के भविष्य के लिए प्रतिबद्ध’
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि छात्रों और युवाओं के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है। सरकार का उद्देश्य छात्रों का विश्वास मजबूत करना और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
प्रह्लाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार
नीट-यूजी 2026 परीक्षा विवाद और देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। कार्यभार संभालने के बाद जोशी ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न योजनाओं और लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय उनके लिए नया विषय है और वह पहले इसकी कार्यप्रणाली को पूरी तरह समझने के बाद आगे की प्राथमिकताओं पर निर्णय लेंगे।
परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी
केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 लाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक, संगठित परीक्षा धांधली और अन्य अनियमितताओं पर कड़ी सजा, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जैसे प्रावधान शामिल किए जाने की योजना है। सरकार का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य छात्रों का भरोसा बहाल करना और देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाना है।


