CJP Protest पर वायरल दावे की पोल खुली! विदेश मंत्रालय ने कहा- MEA प्रवक्ता के नाम से फैलाया गया बयान फर्जी, विदेशी फंडिंग पर नहीं दी कोई पुष्टि

नई दिल्ली: NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद को लेकर हुए CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) आंदोलन से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट को पूरी तरह भ्रामक और मनगढ़ंत करार दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि MEA के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के नाम से जो बयान वायरल किया जा रहा है, वह उन्होंने कभी दिया ही नहीं।

MEA ने वायरल पोस्ट पर जारी किया फैक्ट-चेक

विदेश मंत्रालय की फैक्ट-चेक यूनिट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल दावे का जवाब देते हुए कहा कि पोस्ट में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के नाम से झूठा बयान जोड़कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की गलत जानकारी आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है।

विदेशी फंडिंग पर क्या कहा था MEA प्रवक्ता?

वायरल पोस्ट में दावा किया गया था कि विदेश मंत्रालय ने जांच के आधार पर CJP आंदोलन में किसी भी विदेशी फंडिंग से इनकार कर दिया है। लेकिन MEA ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया।

मंत्रालय ने मीडिया ब्रीफिंग का हवाला देते हुए कहा कि प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने केवल इतना कहा था कि “फिलहाल इस विषय पर साझा करने के लिए हमारे पास कोई जानकारी नहीं है।” उन्होंने न तो विदेशी फंडिंग से इनकार किया था और न ही उसकी पुष्टि की थी।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ आंदोलन

करीब 37 दिनों तक चले CJP आंदोलन का समापन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुआ। NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन में हजारों छात्र-युवा शामिल हुए थे। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन और भूख हड़ताल से आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा मिली।

‘चलो संसद’ मार्च के दौरान बढ़ा था तनाव

20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। इस दौरान कई विपक्षी नेताओं ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों का समर्थन किया। आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दिया।

सरकार लाएगी नया परीक्षा कानून

केंद्र सरकार अब संसद में पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों से बचाव) संशोधन विधेयक, 2026 लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट, कड़ी सजा और जांच प्रक्रिया को और सख्त बनाने जैसे प्रावधान शामिल किए जाने की संभावना है।

MEA की अपील

विदेश मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। मंत्रालय ने कहा कि फर्जी बयानों और भ्रामक पोस्ट के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है, इसलिए केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी को ही सही माना जाए।

  • ये भी पढ़े..

    नए शिक्षा मंत्री पर भी सियासत तेज! राहुल गांधी पर बरसी BJP, बोली- छात्रों के नाम पर सिर्फ राजनीति करती है कांग्रेस

    Share Add as a preferred…

    ‘छात्रों पर बल प्रयोग किसके आदेश से हुआ?’ राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखा पत्र, पैलेट गन और पुलिस कार्रवाई पर मांगा जवाब

    Share Add as a preferred…