
मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर में कुख्यात अपराधी पप्पू सहनी की मौत के बाद सियासत तेज हो गई है। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के सुप्रीमो मुकेश सहनी ने मंगलवार को सैकड़ों समर्थकों के साथ मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय का घेराव कर दिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर पप्पू सहनी का फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप लगाया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले बेला थाना क्षेत्र में पुलिस को साइबर फ्रॉड गिरोह के सरगना पप्पू सहनी के बारे में सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर बेला थाने में तैनात दारोगा और पुलिस टीम उसे गिरफ्तार करने पहुंची थी। इस दौरान पप्पू सहनी ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया और दारोगा को गोली मार दी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था।
पुलिस हिरासत में घायल हुआ आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद पप्पू सहनी से पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद पुलिस उसे अन्य ठिकानों पर छापेमारी के लिए अपने साथ ले जा रही थी। इसी दौरान उसने पुलिस की गाड़ी से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन जब वह नहीं रुका तो पुलिस ने फायरिंग की। इस दौरान गोली उसके दोनों पैरों में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
SSP कार्यालय पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पप्पू सहनी की मौत को लेकर विरोध की सूचना मिलते ही SSP कार्यालय के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। भारी संख्या में पुलिस बल और कई वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया था।
इसी बीच VIP सुप्रीमो मुकेश सहनी अपने समर्थकों के साथ SSP कार्यालय पहुंचे। हालांकि पुलिस ने मुख्य गेट पर ही कार्यकर्ताओं को रोक दिया। इसके बाद मुकेश सहनी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ SSP से मिलने अंदर गए और पूरे मामले को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
मुकेश सहनी ने लगाया फर्जी एनकाउंटर का आरोप
SSP से मुलाकात के बाद मुकेश सहनी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पप्पू सहनी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। उनका आरोप है कि पुलिस ने फर्जी एनकाउंटर कर उसकी हत्या की है।
उन्होंने कहा कि इस घटना से सहनी समाज में काफी आक्रोश है। इसलिए उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।
SSP ने दी पुलिस की सफाई
वहीं मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने पूरे मामले पर पुलिस का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि पप्पू सहनी एक कुख्यात अपराधी था और उसके खिलाफ पहले से लगभग नौ आपराधिक मामले दर्ज थे।
उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के दौरान उसने पुलिस पर हमला कर दारोगा को गोली मार दी थी। बाद में पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान उसे गोली लगी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
SSP ने यह भी स्पष्ट किया कि VIP सुप्रीमो मुकेश सहनी उनसे मिलने आए थे और उन्होंने अपनी बात रखी है। पुलिस पूरे मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करेगी।
मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल
पप्पू सहनी की मौत के बाद यह मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। एक ओर जहां VIP पार्टी इसे फर्जी एनकाउंटर बता रही है, वहीं पुलिस का कहना है कि आरोपी की मौत इलाज के दौरान हुई है।
ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद इस पूरे मामले की सच्चाई क्या सामने आती है।


