
पटना में मंगलवार को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह के आवास पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि निशांत कुमार ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया, लेकिन इस दौरान उन्होंने अपनी संभावित “बिहार यात्रा” को लेकर ऐसा संकेत दिया जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं।
पटना स्थित आवास पर हुई मुलाकात
जानकारी के अनुसार निशांत कुमार मंगलवार दोपहर पटना स्थित वशिष्ठ नारायण सिंह के आवास पर पहुंचे। इस दौरान वहां पहले से ही मीडिया के कई प्रतिनिधि मौजूद थे। निशांत कुमार सफेद रंग की टोयोटा इनोवा कार से वहां पहुंचे और कुछ देर तक वशिष्ठ नारायण सिंह के साथ मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
बताया जा रहा है कि इस दौरान दोनों के बीच कुछ देर तक बातचीत भी हुई। हालांकि मुलाकात के बाद बाहर निकलते समय निशांत कुमार ने इसे केवल एक आत्मीय और शिष्टाचार भेंट बताया।
‘बिहार यात्रा’ को लेकर दिया संकेत
मुलाकात के बाद जब पत्रकारों ने निशांत कुमार से पूछा कि क्या वह आने वाले समय में बिहार यात्रा पर निकलने वाले हैं, तो उन्होंने इस पर सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि “जल्द ही इस बारे में जानकारी दी जाएगी।” उनके इस संक्षिप्त लेकिन अहम बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर निशांत कुमार राज्यव्यापी यात्रा करते हैं तो इसका राजनीतिक महत्व भी हो सकता है।
पुराने संबंधों का दिया हवाला
मीडिया से बातचीत में निशांत कुमार ने कहा कि वशिष्ठ नारायण सिंह के साथ उनका काफी पुराना और आत्मीय संबंध है। उन्होंने बताया कि वह समय-समय पर उनसे मिलने और उनका आशीर्वाद लेने आते रहते हैं। इसलिए इस मुलाकात को किसी भी राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
हालांकि निशांत कुमार ने इस मुलाकात को निजी बताया, लेकिन जेडीयू के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह से उनकी यह मुलाकात राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासकर उनकी संभावित बिहार यात्रा को लेकर दिए गए संकेत के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल और तेज हो गई है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि निशांत कुमार आने वाले दिनों में अपनी बिहार यात्रा की औपचारिक घोषणा कब करते हैं और उसका स्वरूप क्या होगा।


