
- भागलपुर में सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक और अमर्यादित पोस्ट ने जिले के राजनीतिक गलियारे में भूचाल ला दिया है।
- बीजेपी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुनीता गोस्वामी के नेतृत्व में दर्जनों महिलाओं ने महिला थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ मोर्चा खोला और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
- आरोपी की पहचान नाथनगर निवासी अमित आर्यन के रूप में हुई है, जिसे कथित तौर पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का समर्थक बताया जा रहा है और उसका पुराना आपराधिक इतिहास भी विवादों से भरा रहा है।
- सुनीता गोस्वामी ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो महिला मोर्चा सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी और जरूरत पड़ने पर आत्मदाह जैसा आत्मघाती कदम भी उठाया जाएगा।
- पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है और आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने के लिए छापेमारी की जा रही है।
भागलपुर (द वॉयस ऑफ बिहार)।
डिजिटल मर्यादा का चीरहरण और अंग जनपद की महिलाओं का आक्रोश
बिहार की रेशमी नगरी भागलपुर इन दिनों डिजिटल प्लेटफॉर्म पर छिड़ी एक ‘गंदी जंग’ का गवाह बनी हुई है। सोशल मीडिया, जिसे संवाद का सेतु माना जाता था, अब राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में व्यक्तिगत चरित्र हनन का औजार बन गया है। मामला भारतीय जनता पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं से जुड़ा है, जिन्हें निशाना बनाकर एक बेहद ही आपत्तिजनक और अपमानजनक पोस्ट साझा किया गया। इस पोस्ट के वायरल होते ही जिले की बीजेपी महिला इकाई में भारी उबाल देखा जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक दल पर हमला नहीं है, बल्कि यह भागलपुर की आधी आबादी के सम्मान और उनकी अस्मत पर किया गया सीधा प्रहार है। इस अपमान की आग अब सड़कों तक पहुंच गई है और महिला थाना परिसर आज पूरे दिन नारों और न्याय की मांग से गूंजता रहा।
सुनीता गोस्वामी का नेतृत्व और महिला थाने में इंसाफ की गुहार
घटना की गंभीरता को देखते हुए बीजेपी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुनीता गोस्वामी ने स्वयं कमान संभाली। मंगलवार को वे अपनी दर्जनों महिला सहयोगियों के साथ भागलपुर के महिला थाने पहुंचीं। वहां उन्होंने थाना प्रभारी को एक विस्तृत आवेदन सौंपा, जिसमें आरोपी अमित आर्यन द्वारा की गई अभद्र टिप्पणियों का पूरा ब्योरा दिया गया है। सुनीता गोस्वामी ने आवेदन देते समय पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट किया कि ऐसी ओछी हरकतें करने वाले लोग समाज के लिए नासूर हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं, लेकिन जब उनके चरित्र पर कीचड़ उछाला जाता है, तो सहनशक्ति का बांध टूट जाता है। आवेदन में आरोपी पर आईटी एक्ट और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
कौन है अमित आर्यन? आरजेडी कनेक्शन और विवादों का पुराना रिश्ता
इस विवाद के केंद्र में जो नाम सामने आया है, वह है अमित आर्यन। अमित आर्यन भागलपुर के नाथनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। बीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अमित आर्यन आरजेडी का कट्टर समर्थक है और वह अक्सर बीजेपी के बड़े नेताओं और महिला कार्यकर्ताओं को निशाना बनाता रहा है। जानकारी के अनुसार, अमित आर्यन का यह पहला अपराध नहीं है। वह पहले भी कई बार सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक और अपमानजनक पोस्ट करके सुर्खियों में रह चुका है। नाथनगर जैसे संवेदनशील इलाके का निवासी होने के कारण पुलिस उसकी गतिविधियों पर पहले भी नजर रखती रही है, लेकिन इस बार उसने सीधे तौर पर महिलाओं के सम्मान को चुनौती दी है, जिससे मामला अब पुलिस के हाथ से निकलकर सामाजिक सरोकार का रूप ले चुका है।
आत्मदाह की चेतावनी: जब सम्मान की रक्षा के लिए जान देने की बात आई
महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुनीता गोस्वामी के तेवर आज बेहद तल्ख नजर आए। उन्होंने केवल प्राथमिकी दर्ज कराकर शांत बैठने से इनकार कर दिया। थाने के बाहर मीडिया और समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रशासन को एक कड़ी डेडलाइन दी है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि “हम भागलपुर की बेटियां हैं, और अगर प्रशासन हमें सुरक्षा और सम्मान नहीं दे सकता, तो हमें जीवित रहने का भी कोई हक नहीं है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर अमित आर्यन की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वे और उनकी साथी महिलाएं कलेक्ट्रेट के सामने धरना देंगी और जरूरत पड़ी तो वे आत्मदाह करने से भी पीछे नहीं हटेंगी। इस कड़े रुख ने जिला प्रशासन और पुलिस महकमे के भीतर हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि कोई भी अधिकारी इस संवेदनशील मामले को और अधिक बिगड़ने नहीं देना चाहता।
आरजेडी और बीजेपी के बीच बढ़ी तल्खी, वैचारिक मतभेद अब व्यक्तिगत रंजिश में बदला
भागलपुर की यह घटना केवल एक पोस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार की राजनीति में बढ़ते जा रहे वैचारिक प्रदूषण का भी संकेत है। आरजेडी समर्थक द्वारा इस तरह की पोस्ट किए जाने के आरोप के बाद दोनों पार्टियों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि आरजेडी की मानसिकता हमेशा से महिला विरोधी रही है और उनके समर्थकों को पार्टी नेतृत्व का मौन समर्थन प्राप्त है। दूसरी ओर, आरजेडी के स्थानीय पदाधिकारियों ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर कोई क्या लिखता है, इसकी जिम्मेदारी पार्टी की नहीं होती, हालांकि उन्होंने भी किसी भी महिला के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल को गलत बताया है। लेकिन, अमित आर्यन का कथित आरजेडी लिंक इस आग में घी डालने का काम कर रहा है।
पुलिस की साइबर जांच और आरोपी की तलाश में जुटी विशेष टीमें
महिला थाने की पुलिस ने सुनीता गोस्वामी के आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए केस डायरी तैयार कर ली है। एसएसपी के निर्देश पर इस मामले में साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। पुलिस यह जांच कर रही है कि जिस प्रोफाइल से पोस्ट किया गया, वह अमित आर्यन की ही है या किसी ने उसके नाम का फर्जी इस्तेमाल किया है। प्रारंभिक जांच में पोस्ट के स्क्रीनशॉट्स और डिजिटल फुटप्रिंट्स अमित आर्यन के होने की पुष्टि कर रहे हैं। पुलिस की एक टीम ने नाथनगर स्थित उसके घर पर दबिश भी दी, लेकिन वह फरार पाया गया। पुलिस का कहना है कि वे कानून सम्मत कार्रवाई कर रहे हैं और आरोपी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
महिला सुरक्षा और डिजिटल स्पेस: अंग जनपद के बुद्धिजीवियों की चिंता
इस घटना ने भागलपुर के नागरिक समाज और बुद्धिजीवियों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। शहर के प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि अगर राजनीतिक कार्यकर्ताओं को इस तरह सरेआम बेइज्जत किया जाएगा, तो आम घरों की बेटियां राजनीति या सामाजिक कार्यों में आने से कतराएंगी। डिजिटल स्पेस में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। भागलपुर जैसे सांस्कृतिक शहर में जहां महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि रहा है, वहां इस तरह की अभद्रता शहर की छवि को धूमिल करती है। लोगों की मांग है कि पुलिस न केवल अमित आर्यन को पकड़े, बल्कि सोशल मीडिया पर इस तरह के नफरती और अपमानजनक कंटेंट को बढ़ावा देने वाले ग्रुप्स और एडमिन्स पर भी कार्रवाई करे।
निष्कर्ष: न्याय की प्रतीक्षा में भागलपुर और पुलिस की साख पर सवाल
फिलहाल, भागलपुर पुलिस के लिए यह मामला प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। एक तरफ बीजेपी महिला मोर्चा की कड़क चेतावनी है, तो दूसरी तरफ कानून की अपनी प्रक्रिया। अमित आर्यन की गिरफ्तारी ही इस तनाव को शांत कर सकती है। सुनीता गोस्वामी और उनकी टीम ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब पीछे नहीं हटेंगी। क्या पुलिस समय रहते आरोपी को पकड़ पाएगी? क्या भागलपुर की सड़कें एक बड़े आंदोलन की गवाह बनेंगी? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले 24 से 48 घंटों में मिल जाएंगे। द वॉयस ऑफ बिहार की टीम इस मामले पर पल-पल की नजर बनाए हुए है, ताकि आप तक सच्चाई पहुंचती रहे।


