
भागलपुर। सिल्क सिटी में जमीन कब्जा करने वाले संगठित गिरोहों के खिलाफ पुलिस ने अपनी कार्रवाई को और अधिक आक्रामक बना दिया है। गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को भागलपुर पुलिस ने एक बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए जमीन कब्जा गिरोह के 8 सक्रिय सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बरारी थाना क्षेत्र के बड़ी खंजरपुर स्थित बरगाच्छ चौक के पास उस समय हुई, जब ये अपराधी हथियारों के बल पर वर्षों पुरानी दान की गई जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश कर रहे थे। इस गिरोह का सबसे खूंखार चेहरा फंटूश तांती भी पुलिस के हत्थे चढ़ा है, जिसका आपराधिक इतिहास दशकों पुराना है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने न केवल भू-माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया है, बल्कि शहर के जमीन मालिकों के बीच एक कड़ा संदेश भी भेजा है कि अब ‘सिस्टम’ बाहुबल से नहीं, कानून से चलेगा।
आस्था की जमीन पर डाका: आनंद मार्ग की जमीन पर कब्जे की साजिश
घटना की पृष्ठभूमि एक पवित्र दान से जुड़ी है। वर्षों पूर्व श्यामा देवी नामक महिला ने बड़ी खंजरपुर स्थित अपनी 1 कट्ठा कीमती जमीन आनंद मार्ग प्रचारक संघ को दान में दी थी। इस जमीन का उपयोग आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए किया जाता रहा है। लेकिन शहर की बढ़ती कीमतों के बीच भू-माफियाओं की गिद्ध दृष्टि इस बेशकीमती जमीन पर गड़ गई थी।
9 अप्रैल को भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली कि कुछ अपराधी हथियारों से लैस होकर इस जमीन पर जबरन दखल-कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आदर्श नगर फुलकिया निवासी संदीप कुमार भिक्टर के लिखित आवेदन पर बरारी थाना में कांड संख्या 75/26 दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने वह चक्रव्यूह रचा जिससे अपराधियों का बच निकलना नामुमकिन हो गया।
पुलिसिया चक्रव्यूह: SSP के निर्देश पर बरारी पुलिस और DIU का साझा प्रहार
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नगर-01 और डीआईयू (DIU) की टीम कर रही थी। बरारी थानाध्यक्ष बिट्टू कुमार कमल को तत्काल घटनास्थल पर पहुँचने का आदेश दिया गया।
जैसे ही पुलिस टीम बड़ी खंजरपुर के बरगाच्छ चौक पहुँची, वहां अपराधी बाउंड्री वॉल खड़ी करने और जमीन पर अपना खूंटा गाड़ने की तैयारी में थे। पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी की और मौके से भागने की कोशिश कर रहे 8 अपराधियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। मौके से 8 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग इस ‘जमीन कब्जा अभियान’ के समन्वय के लिए किया जा रहा था।
गिरफ्तार अपराधियों की कुंडली: कौन-कौन चढ़ा पुलिस के हत्थे?
पुलिस ने जिन 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, उनमें से अधिकांश बरारी और आसपास के इलाकों के रहने वाले पेशेवर अपराधी हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची इस प्रकार है:
- बबलु कुमार यादव (पिता- भग्नेश यादव, निवासी- बड़ी खंजरपुर, बरारी)
- फन्दुश तांती उर्फ कुमार अभिषेक (पिता- स्व० महेश तांती, निवासी- बड़ी खंजरपुर, बरारी)
- अमर कुमार (पिता- अशोक कुमार सिंह, निवासी- बड़ी खंजरपुर, बरारी)
- सुरज कुमार (पिता- रविन्द्र कुमार साह, निवासी- कुप्पाघाट मायागंज, बरारी)
- सागर कुमार (पिता- धीरज कुमार साह, निवासी- कुप्पाघाट मायागंज, बरारी)
- कमल कुमार चौधरी (पिता- कैलाश चौधरी, निवासी- मंदरोजा, ततारपुर)
- रोहित कुमार (पिता- डब्लु हरि, निवासी- कृष्णपुरी कॉलनी, ईशाकचक)
- प्रांजल पांडेय (पिता- गोपाल नंदन पांडेय, निवासी- शिवपुरी, तिलकामांझी)
फंटूश तांती: अपराध की दुनिया का ‘पुराना खिलाड़ी’
इस पूरी कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण सफलता फंटूश तांती उर्फ कुमार अभिषेक की गिरफ्तारी है। फंटूश का नाम भागलपुर पुलिस की फाइलों में कोई नया नहीं है। उसका आपराधिक इतिहास 2003 से शुरू होता है और पिछले 23 सालों में उसने अपराध के नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
फंटूश तांती का ‘ब्लैक डायरी’ रिकॉर्ड:
- उसका पहला मामला साल 2003 में कोतवाली (बरारी) थाना में दर्ज हुआ था।
- साल 2018 और 2019 में उसने लगातार कई वारदातों को अंजाम दिया।
- साल 2023 में तो उसने हद ही कर दी, जब एक ही दिन (23 अप्रैल 2023) में उसके खिलाफ दो अलग-अलग कांड (377/23 और 378/23) दर्ज हुए।
- ईशाकचक और बरारी थानों में उस पर रंगदारी, आर्म्स एक्ट और जमीन कब्जा के दर्जनों मामले दर्ज हैं।
इसके अलावा, अमर कुमार और सूरज कुमार का भी पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। ये सभी पेशेवर तरीके से जमीन कब्जा करने वाले गिरोह के रूप में काम करते हैं।
द वॉइस ऑफ बिहार का विश्लेषण: भू-माफियाओं का नया ‘मोडस ऑपरेंडी’
भागलपुर में जमीन कब्जा गिरोह अब केवल डराने-धमकाने तक सीमित नहीं हैं। ये गिरोह अब एक सिंडिकेट की तरह काम कर रहे हैं।
- रेकी और दस्तावेजी खेल: ये लोग पहले उन जमीनों को चिन्हित करते हैं जो या तो विवादित हैं या दान की गई हैं। इसके बाद फर्जी कागजात तैयार कर बाहुबलियों को जमीन पर उतार दिया जाता है।
- डिजिटल नेटवर्क: बरामद हुए 8 मोबाइल फोन इस बात का सबूत हैं कि ये अपराधी व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों से एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे और पल-पल की जानकारी अपने आकाओं को भेज रहे थे।
- संगठित अपराध: गिरफ्तार किए गए अपराधी अलग-अलग थाना क्षेत्रों (बरारी, ततारपुर, ईशाकचक, तिलकामांझी) के रहने वाले हैं, जो यह दर्शाता है कि यह गिरोह पूरे शहर में अपना जाल फैला चुका है।
छापेमारी दल: इन जांबाजों ने किया माफियाओं का ‘द एंड’
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में बरारी पुलिस और डीआईयू के अधिकारी शामिल थे:
- पु०अ०नि० बिट्टू कुमार कमल (थानाध्यक्ष, बरारी)
- पु०अ०नि० भोगेन्द्र यादव (बरारी थाना)
- कमलेश कुमार राम (सिपाही, बरारी थाना)
- गौतम कुमार (सिपाही, बरारी थाना)
- डीआईयू (DIU) टीम, भागलपुर
निष्कर्ष: माफियाओं के लिए स्पष्ट संदेश
भागलपुर पुलिस की यह कार्रवाई उन तमाम भू-माफियाओं के लिए एक चेतावनी है जो सोचते हैं कि वे गरीब या संस्थाओं की जमीन पर कब्जा कर लेंगे। पुलिस अब न केवल मौके पर गिरफ्तारियां कर रही है, बल्कि इन अपराधियों के पुराने इतिहास को खंगालकर उन पर सीसीए (CCA) और अन्य कठोर धाराएं लगाने की तैयारी में है।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने साफ कर दिया है कि इस मामले में संलिप्त अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश में छापेमारी जारी है और बहुत जल्द वे भी सलाखों के पीछे होंगे। भागलपुर की जनता ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि ‘आनंद मार्ग’ जैसी संस्थाओं की जमीन को बचाना सामाजिक आस्था और न्याय की जीत है।


