
पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में पीएमसीएच के एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। छात्र का शव उसके किराए के कमरे से बरामद किया गया, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मृतक के परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस फिलहाल आत्महत्या और हत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
मृतक की पहचान गुड्डू राजा के रूप में हुई है, जो पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) के नेत्र विभाग में टेक्नीशियन कोर्स की पढ़ाई कर रहा था। वह वर्ष 2025-2027 सत्र का छात्र था और बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में स्थित एक मकान में किराए पर रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था। घटना की जानकारी सामने आते ही छात्र के मित्रों, सहपाठियों और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।
कमरे में मिला छात्र का शव
जानकारी के अनुसार, रविवार को छात्र का शव उसके कमरे के अंदर संदिग्ध अवस्था में मिला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खोलने के बाद अंदर छात्र का शव मिला। घटना की सूचना फैलते ही आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
हाल ही में घर से लौटा था छात्र
परिजनों के मुताबिक गुड्डू राजा कुछ दिन पहले ही अपने घर से वापस पटना लौटा था। वह चार जून को अपने गांव से राजधानी पहुंचा था। बताया गया कि हाल ही में उसकी बहन की शादी हुई थी, जिसमें शामिल होने के लिए वह घर गया था। परिवार में पांच बहनों के बीच वह इकलौता भाई था और सभी का बेहद प्रिय था।
परिजनों का कहना है कि शादी के बाद वह सामान्य रूप से पटना लौटा था और अपनी पढ़ाई में व्यस्त था। किसी भी प्रकार की परेशानी या तनाव की जानकारी परिवार को नहीं थी। ऐसे में उसकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
कमरे से मिला कथित सुसाइड नोट
जांच के दौरान पुलिस को कमरे से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है। फिलहाल पुलिस उसकी सत्यता की जांच कर रही है। नोट में क्या लिखा गया है और उसका संबंध घटना से कितना है, इस पर अभी पुलिस ने कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से सुसाइड नोट की लिखावट, परिस्थितियों और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नोट वास्तव में मृतक ने लिखा था या नहीं।
पिता ने जताई हत्या की आशंका
जहां पुलिस शुरुआती जांच में आत्महत्या की संभावना देख रही है, वहीं मृतक के पिता इस मामले को हत्या बता रहे हैं। मृतक के पिता नरेश राय, जो एक सरकारी विद्यालय में शिक्षक हैं, ने दावा किया है कि उनके बेटे की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गुड्डू राजा का दो युवकों के साथ पैसों का लेन-देन चल रहा था। पिता के अनुसार, उनके बेटे ने अपने दो परिचितों को लगभग चार लाख रुपये दिए थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी रकम वापस नहीं की जा रही थी और इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था।
परिजनों का कहना है कि इस आर्थिक विवाद के कारण उनके बेटे को निशाना बनाया गया हो सकता है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करने की मांग की है।
सूचना मिलने में देरी पर भी उठे सवाल
मृतक के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बेटे की मौत की जानकारी काफी देर से दी गई। उनका कहना है कि घटना होने के लगभग 24 घंटे बाद परिवार को सूचना मिली, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं।
परिवार का मानना है कि यदि घटना की जानकारी समय पर दी जाती तो कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते थे। इसी वजह से परिजन मामले की हर पहलू से जांच की मांग कर रहे हैं।
बहन ने भी आत्महत्या की आशंका से किया इनकार
मृतक की बहन मनीषा रानी ने भी आत्महत्या की संभावना को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही उनकी अपने भाई से बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान वह सामान्य था और भविष्य की योजनाओं को लेकर चर्चा कर रहा था।
बहन के अनुसार, उसने रविवार को कमरे की साफ-सफाई के लिए भी बुलाया था। ऐसे में वह अचानक आत्महत्या जैसा कदम उठाएगा, इस बात पर विश्वास करना कठिन है। परिवार का कहना है कि गुड्डू राजा के जीवन में किसी प्रकार की आर्थिक, शैक्षणिक या पारिवारिक परेशानी नहीं थी।
पुलिस सभी पहलुओं पर कर रही जांच
बुद्धा कॉलोनी थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच बेहद गंभीरता से की जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया कुछ तथ्य आत्महत्या की ओर संकेत करते हैं, लेकिन परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इसी वजह से जांच को कई स्तरों पर आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।
फोरेंसिक टीम जुटा रही साक्ष्य
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी जांच में शामिल किया गया है। विशेषज्ञ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह को लेकर अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आने की संभावना है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में हत्या के संकेत मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कई सवालों के जवाब तलाश रही जांच
फिलहाल इस मामले में कई सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब जांच एजेंसियां तलाश रही हैं। क्या यह वास्तव में आत्महत्या का मामला है या फिर किसी साजिश का परिणाम? कमरे से मिले कथित सुसाइड नोट की क्या भूमिका है? आर्थिक लेन-देन को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है? इन सभी बिंदुओं की जांच जारी है।
पटना में मेडिकल शिक्षा से जुड़े एक छात्र की संदिग्ध मौत ने न केवल उसके परिवार बल्कि पूरे शैक्षणिक समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक निष्कर्षों पर टिकी हैं, जिनसे इस रहस्यमयी मौत के पीछे की सच्चाई सामने आ सकेगी।


