पीएम सूर्य घर योजना से बदल रही तस्वीर: नाथनगर में घरों की छतों पर लग रहे सोलर सिस्टम, बिजली बिल लगभग होगा शून्य

भागलपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर योजना अब भागलपुर जिले में भी तेजी से जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम लोगों को बिजली बिल के बोझ से राहत दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत नाथनगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग सोलर ऊर्जा को अपना रहे हैं। नाथनगर के सुजापुर इलाके में इन दिनों घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का काम तेजी से चल रहा है, जिससे लोगों के बीच इस योजना को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है।

ऊर्जा के बढ़ते खर्च और पर्यावरण संरक्षण की जरूरतों के बीच सौर ऊर्जा आज एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रही है। यही कारण है कि केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना को आम लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। योजना के तहत सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी देकर उनके घरों में सोलर सिस्टम लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि वे अपनी बिजली जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा स्वयं पूरा कर सकें।

नाथनगर के सुजापुर क्षेत्र में इसी योजना के तहत दो घरों में तीन किलोवाट क्षमता वाले सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। यह कार्य सोनालीवा कंपनी द्वारा किया जा रहा है। कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम घरों की छतों पर आधुनिक सोलर पैनल और उससे जुड़े उपकरण स्थापित कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में और अधिक परिवार इस योजना से जुड़ सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार तीन किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम एक सामान्य परिवार की दैनिक बिजली जरूरतों को काफी हद तक पूरा कर सकता है। इससे घरेलू बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी आती है और उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली बिल पर होने वाले खर्च से राहत मिलती है। यही वजह है कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी लोग अब सोलर ऊर्जा की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।

सोनालीवा कंपनी के जनरल मैनेजर मनीष कुमार ने बताया कि तीन किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित करने में लगभग 2 लाख 10 हजार रुपये का खर्च आता है। हालांकि सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी के कारण उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ काफी कम हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सरकार 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान करती है, जो सोलर सिस्टम स्थापित होने के लगभग एक सप्ताह के भीतर सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है।

उन्होंने कहा कि सब्सिडी मिलने के बाद उपभोक्ताओं की वास्तविक लागत काफी कम हो जाती है। यही कारण है कि मध्यम वर्गीय परिवार भी अब इस योजना का लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं। उनका मानना है कि एक बार सोलर सिस्टम लग जाने के बाद उपभोक्ता कई वर्षों तक बिजली बिल की चिंता से लगभग मुक्त हो सकता है।

मनीष कुमार के अनुसार सोलर सिस्टम लगने के बाद घरों का बिजली बिल लगभग शून्य के करीब पहुंच जाता है। कई मामलों में उपभोक्ताओं को केवल न्यूनतम शुल्क का भुगतान करना पड़ता है। इससे हर महीने हजारों रुपये तक की बचत संभव हो जाती है। उन्होंने कहा कि यह बचत लंबे समय में परिवारों के लिए आर्थिक रूप से बेहद लाभदायक साबित होती है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि सौर ऊर्जा केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के अत्यधिक उपयोग से कार्बन उत्सर्जन बढ़ता है, जबकि सौर ऊर्जा पूरी तरह स्वच्छ और नवीकरणीय स्रोत है। इससे पर्यावरण प्रदूषण कम होता है और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी मदद मिलती है।

भागलपुर जैसे शहरों में जहां वर्ष के अधिकांश समय पर्याप्त धूप उपलब्ध रहती है, वहां सोलर ऊर्जा की संभावनाएं और भी अधिक हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बड़ी संख्या में लोग अपनी छतों पर सोलर पैनल स्थापित करते हैं तो इससे न केवल उनकी बिजली लागत कम होगी बल्कि राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड पर पड़ने वाला दबाव भी कम किया जा सकेगा।

पीएम सूर्य घर योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य देश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना भी है। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक परिवार अपनी बिजली जरूरतों को स्वयं पूरा करें और अतिरिक्त बिजली उत्पादन की स्थिति में उसे ग्रिड में भी भेज सकें। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और पारंपरिक बिजली उत्पादन पर निर्भरता कम होगी।

नाथनगर और आसपास के क्षेत्रों में इस योजना को लेकर लोगों के बीच जागरूकता भी तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां सोलर सिस्टम को केवल बड़े घरों या संस्थानों तक सीमित माना जाता था, वहीं अब आम परिवार भी इसे अपनाने लगे हैं। लोगों को यह समझ में आने लगा है कि शुरुआती निवेश के बाद सोलर ऊर्जा लंबे समय तक आर्थिक लाभ प्रदान करती है।

सोनालीवा कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ताओं को योजना से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं में तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है। आवेदन से लेकर स्थापना और सब्सिडी प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया में कंपनी लाभार्थियों का मार्गदर्शन कर रही है। इससे लोगों को योजना का लाभ लेने में आसानी हो रही है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बढ़ते बिजली बिलों के बीच यह योजना काफी राहत देने वाली साबित हो सकती है। कई लोगों ने बताया कि वे भी अपने घरों में सोलर सिस्टम लगाने की योजना बना रहे हैं। खासकर ऐसे परिवार जिनकी मासिक बिजली खपत अधिक है, उनके लिए यह निवेश भविष्य में काफी लाभदायक साबित हो सकता है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार पीएम सूर्य घर योजना का लक्ष्य देशभर में लाखों घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन, आसान प्रक्रिया और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं। इससे योजना का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है।

भागलपुर के नाथनगर क्षेत्र में शुरू हुआ यह अभियान इस बात का संकेत है कि सौर ऊर्जा अब केवल भविष्य की तकनीक नहीं बल्कि वर्तमान की आवश्यकता बन चुकी है। यदि इसी तरह लोगों की भागीदारी बढ़ती रही तो आने वाले वर्षों में भागलपुर सहित पूरे बिहार में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पीएम सूर्य घर योजना न केवल लोगों को आर्थिक राहत दे रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रही है।

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