कुआलालंपुर/नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे का रविवार (8 फरवरी 2026) को शानदार समापन हुआ। दौरे के दूसरे और अंतिम दिन भारत और मलेशिया के बीच रिश्तों की नई इबारत लिखी गई। दोनों देशों ने अपनी दोस्ती को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) के नए लेवल पर ले जाने का फैसला किया है।
1. 11 बड़े समझौते: सेमीकंडक्टर से लेकर डिफेंस तक
पीएम मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद कुल 11 क्षेत्रों में अहम समझौते (MoU) हुए। अब दोनों देश इन क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे:
- टेक्नोलॉजी: सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इकोनॉमी।
- सुरक्षा: रक्षा (Defence) सहयोग।
- व्यापार: निवेश, फिनटेक और स्टार्टअप्स।
- अन्य: ऊर्जा, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य।
2. बड़ी कूटनीतिक जीत: UNSC में भारत को मिला साथ
मलेशिया ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर भारत का साथ देने का वादा किया है।
- समर्थन: मलेशिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता का पुरजोर समर्थन किया है। यह भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत की एक और पहचान है।
3. भविष्य की तैयारी: डिजिटल और ग्रीन एनर्जी पर जोर
संयुक्त बयान में कहा गया कि भारत और मलेशिया के रिश्ते ऐतिहासिक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। दोनों नेताओं ने एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और नवीकरणीय ऊर्जा (Green Energy) में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। पीएम मोदी ने कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के नागरिकों के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलेगी।


