
नई दिल्ली, 9 अप्रैल 2026 — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण को लेकर एक विस्तृत ब्लॉग के जरिए देश को संबोधित करते हुए इसे भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का महत्वपूर्ण मोड़ बताया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब देश की आधी आबादी को विधायी संस्थाओं में उनका उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।
“नारी शक्ति देश की आधी आबादी, उन्हें मिले उचित भागीदारी”
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं। विज्ञान, खेल, उद्यमिता, रक्षा और कला—हर क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। ऐसे में राजनीति और विधायी संस्थाओं में भी उनकी भागीदारी बढ़ाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का अहम हिस्सा है।
16 अप्रैल को संसद में विशेष सत्र
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि 16 अप्रैल को संसद में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी, जिसमें महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक पर चर्चा की जाएगी। इस ऐतिहासिक पहल को सफल बनाने के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील की गई है।
उन्होंने इसे सिर्फ एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व बताया।
2023 में पास हुआ ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’
प्रधानमंत्री ने अपने ब्लॉग में याद दिलाया कि सितंबर 2023 में संसद ने सर्वसम्मति से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था। अब आवश्यकता है कि इसे प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, ताकि 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों में इसका लाभ मिल सके।
लोकतंत्र को और समावेशी बनाने की पहल
पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से शासन व्यवस्था अधिक संवेदनशील, संतुलित और जवाबदेह बनेगी। उन्होंने इसे संविधान की मूल भावना—समानता और समावेशन—के अनुरूप बताया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत इसी में है कि वह समय के साथ और अधिक न्यायपूर्ण और समावेशी बनता जाए।
त्योहारों और ऐतिहासिक तिथियों का भी किया जिक्र
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने देशभर में मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों—बिहू, बैसाखी, विषु, पुथांडु, पोइला बैशाख—का उल्लेख करते हुए सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही, महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती और डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती का जिक्र करते हुए सामाजिक न्याय के महत्व को रेखांकित किया।
सर्वसम्मति की अपील
प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों और सांसदों से महिला आरक्षण विधेयक को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह किसी एक दल या सरकार का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का मुद्दा है।
“अब और देरी नहीं”
अपने ब्लॉग के अंत में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण को अब और टाला नहीं जा सकता। उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा फैसला बताया और सभी से मिलकर इस ऐतिहासिक कदम को सफल बनाने का आह्वान किया।
यह पहल न केवल महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र को और अधिक मजबूत और प्रतिनिधिक बनाने की दिशा में भी अहम साबित हो सकती है।


