मनरेगा का नाम बदलने की तैयारी, केंद्रीय कैबिनेट से जल्द मंजूरी संभव

नई दिल्ली: यूपीए सरकार की प्रमुख ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा का नाम बदलने की तैयारी चल रही है। सूत्रों के अनुसार, मोदी सरकार इसे “पूज्य बापू रूरल एम्प्लोयमेंट गारंटी बिल 2025” के नाम से पेश कर सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 12 दिसंबर को केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक हो रही है, जिसमें नए नाम पर मुहर लग सकती है। योजना के नए नाम से इसके दायरे और पहचान को और मजबूत करने का संकेत मिलने की उम्मीद है।

योजना की पृष्ठभूमि

मनरेगा योजना को 2005 में यूपीए सरकार ने लागू किया था। यह ग्रामीण क्षेत्रों में हर परिवार के व्यस्क सदस्यों को साल में कम से कम 100 दिन का रोजगार देने की कानूनी गारंटी देती है। योजना के तहत कार्य ज्यादातर जल-संरक्षण, सड़क निर्माण, भूमि सुधार और वृक्षारोपण जैसे ग्रामीण विकास कार्यों में होते हैं।

उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण बेरोजगारी को कम करना और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है। नए नाम से इसे ग्रामीण क्षेत्रों में नई पहचान देने और व्यापक स्तर पर प्रभाव बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।


 

  • Related Posts

    दिल्ली में नर्सिंग छात्रा से दरिंदगी! होम केयर ड्यूटी के दौरान किया दुष्कर्म; जामताड़ा में फूटा गुस्सा, छात्राओं का भारी प्रदर्शन

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    बिहार को मिल सकता है नया राज्यपाल, 12 मार्च को पटना पहुंच सकते हैं सैयद अता हसनैन

    Share Add as a preferred…

    Continue reading