करगहर या राघोपुर से चुनाव लड़ सकते हैं पीके, बिहार बंद पर साधा निशाना

रोहतास, 4 सितंबर – जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने गुरुवार को अपनी बिहार बदलाव यात्रा के दौरान रोहतास जिले के काराकाट विधानसभा क्षेत्र के गोरारी स्टेडियम में विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने और एनडीए के बिहार बंद पर अपनी बेबाक राय दी।

चुनाव लड़ने को लेकर दिया बड़ा बयान

पत्रकारों से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा –

“अभी तक मैंने चुनाव लड़ने की कोई घोषणा नहीं की है। अगर पार्टी तय करेगी कि मुझे चुनाव लड़ना है तो मैं लड़ूंगा। मेरा मानना है कि या तो जन्मभूमि से लड़ना चाहिए या कर्मभूमि से। ऐसे में अगर चुनाव लड़ूंगा तो या तो अपनी जन्मभूमि करगहर से या कर्मभूमि राघोपुर से लड़ूंगा।”

बिहार बंद को बताया नेताओं का बंद

एनडीए द्वारा बुलाए गए बिहार बंद पर तंज कसते हुए पीके ने कहा –

“यह बंद नेताओं के लिए है, जनता के लिए कोई बंदी नहीं है। कल भी जन सुराज की दो-दो जनसभाएं होंगी और पहले की तरह 20-20 हजार लोग जुटेंगे। बिहार का युवा अब बदलाव के लिए तैयार है।”

बीजेपी नेताओं पर बोला हमला

पीके ने अपने संबोधन में बीजेपी नेताओं को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा –

  • “संजय जायसवाल जैसे टुटपुंजिये नेताओं का जब दुर्दिन आता है तो हम जैसे लोगों से उलझते हैं। जब उनका किस्त जारी करेंगे तो सब तार-तार कर देंगे।”
  • “भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की रोते हुए तस्वीरें सबने देखी हैं। अब अगर मूर्छा से उठ गए हों तो रोते-रोते ही बता दें कि किशनगंज का कॉलेज कब्जा किए थे या नहीं।”
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