
पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के लिए एक और गर्व का क्षण तब सामने आया, जब साहिबगंज स्थित ईस्टर्न रेलवे हाई स्कूल के कक्षा दसवीं के छात्र पियूष कुमार ने जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि न केवल उनके विद्यालय के लिए गौरव का विषय है, बल्कि पूरे मंडल के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
यह प्रतियोगिता “Chess for World Peace” के नाम से आयोजित साहिबगंज जिला ओपन रैपिड शतरंज चैम्पियनशिप (A) 2026 थी, जो 25 अप्रैल 2026 को सेंट जेवियर्स स्कूल, कोटालपोखर, बरहरवा में आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता का आयोजन साहिबगंज जिला शतरंज संघ द्वारा किया गया था, जिसमें जिले भर के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच पियूष कुमार ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल और रणनीतिक समझ का प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।
पियूष कुमार ने जूनियर बालक वर्ग में भाग लिया और चार राउंड के मुकाबलों में 3.5 अंक अर्जित कर प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया। उनके इस प्रदर्शन में उनकी गहरी एकाग्रता, सटीक चालों की योजना और खेल के प्रति समर्पण साफ झलकता है। शतरंज जैसे बौद्धिक खेल में इतनी कम उम्र में इस स्तर की सफलता हासिल करना उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करता है।
पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में छात्रों को खेल, शिक्षा और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पियूष की यह सफलता उसी प्रयास का परिणाम है, जिसमें छात्रों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिल रहा है।
विद्यालय के शिक्षकों और अभिभावकों ने भी पियूष की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है। उनका मानना है कि पियूष ने अपनी मेहनत, अनुशासन और नियमित अभ्यास के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की उपलब्धियां अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का काम करती हैं और उन्हें भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
शतरंज एक ऐसा खेल है जो केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि मानसिक विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। यह खेल बच्चों में तार्किक सोच, धैर्य, निर्णय लेने की क्षमता और रणनीतिक दृष्टिकोण को विकसित करता है। पियूष कुमार की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि बच्चों को सही दिशा और अवसर मिले, तो वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
प्रतियोगिता के दौरान पियूष ने अपने विरोधियों के खिलाफ बेहद संयम और आत्मविश्वास के साथ खेला। हर चाल में उनकी सोच और रणनीति का स्पष्ट प्रभाव दिखाई दिया। उन्होंने न केवल अपने प्रतिद्वंद्वियों को मात दी, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाई।
इस उपलब्धि के बाद पियूष कुमार के लिए आगे के रास्ते और भी खुल गए हैं। अब उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी इसी तरह का प्रदर्शन करेंगे और अपने जिले, विद्यालय और राज्य का नाम रोशन करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिलता रहा, तो वे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
मालदा मंडल ने पियूष कुमार को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सफलताएं संगठन के लिए प्रेरणा का स्रोत होती हैं और यह दर्शाती हैं कि शिक्षा और खेल के क्षेत्र में संतुलन बनाकर उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है।
अंततः, पियूष कुमार की यह जीत केवल एक प्रतियोगिता में हासिल की गई सफलता नहीं है, बल्कि यह उनके सपनों की ओर बढ़ाया गया एक मजबूत कदम है। उनकी यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि कड़ी मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। आने वाले समय में पियूष से और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद की जा रही है, जो निश्चित रूप से उनके परिवार, विद्यालय और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का कारण बनेंगी।


