
भागलपुर में बढ़ती गर्मी और लू (हीटवेव) के साथ-साथ राष्ट्रीय जनगणना के कार्यों को लेकर प्रशासनिक सक्रियता चरम पर है। सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और प्रगणकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जनहित और राष्ट्रीय कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिवहन पर पाबंदी और पेयजल की घेराबंदी
जिलाधिकारी ने लू की स्थिति को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है कि यदि तापमान जानलेवा स्तर तक पहुँचता है या लू की स्थिति गंभीर होती है, तो जिले में परिवहन (ट्रांसपोर्ट) सेवाओं को रोक दिया जाएगा। इसके साथ ही पेयजल संकट से निपटने के लिए निम्नलिखित रणनीतियों पर जोर दिया गया:
- सुखाड़ की रिपोर्ट: सभी बीडीओ को अपने क्षेत्रों में पानी की कमी वाले हॉट-स्पॉट्स की तुरंत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है ताकि समय रहते पानी की व्यवस्था की जा सके।
- चापाकल और मिस्त्री: नए चापाकल लगाने के साथ-साथ पुराने चापाकलों की मरम्मत के लिए मिस्त्रियों से अभी से संपर्क साधकर उन्हें ‘ऑन-कॉल’ रखने को कहा गया है।
- नल-जल का सत्यापन: सरकार की नल-जल योजना का अभी से भौतिक सत्यापन (वेरिफिकेशन) करने का आदेश दिया गया है ताकि पीक सीजन में सप्लाई बाधित न हो।
- प्रशासनिक समन्वय: पीएचईडी (PHED) के एईआरओ (AERO) अब सीधे प्रखंड विकास पदाधिकारियों के निर्देशन में कार्य करेंगे, जिससे शिकायतों का त्वरित निष्पादन हो सके।
जनगणना और सामाजिक सुरक्षा का चक्र
प्रशासनिक कार्यों को गति देने के लिए जिलाधिकारी ने जनगणना प्रगणकों को भी विशेष टास्क सौंपा है। प्रत्येक प्रगणक को अनिवार्य रूप से 20-20 स्व-गणना फॉर्म भरवाने का लक्ष्य दिया गया है।
इसके अलावा, सामाजिक स्तर पर लू से बचाव के लिए जमीनी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय की गई है:
- बच्चों की सुरक्षा: विकास मित्र और आंगनबाड़ी सेविकाएं छोटे बच्चों के लिए शीतल पेयजल और आवश्यक राहत सामग्री सुनिश्चित करेंगी।
- आपदा मित्र: किसी भी आकस्मिक स्थिति या हीटस्ट्रोक के मामलों से निपटने के लिए आपदा मित्रों को पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
नवल किशोर चौधरी ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे कागजों के बजाय धरातल पर समस्याओं का समाधान खोजें, ताकि जिले की जनता को इस भीषण गर्मी में न्यूनतम परेशानी का सामना करना पड़े।


