भागलपुर/पीरपैंती | 27 फरवरी, 2026: भागलपुर पुलिस ने दियारा क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पीरपैंती थाना पुलिस ने बड़ी मोहनपुर क्षेत्र में घेराबंदी कर पांच हथियारबंद बदमाशों को दबोच लिया है। पकड़े गए बदमाशों के पास से अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। इस गिरफ्तारी से दियारा के दुर्गम इलाकों में सक्रिय अपराधी गिरोहों के बीच हड़कंप मच गया है।
बजरंगबली मंदिर के पास घेराबंदी, हथियार बरामद
वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) भागलपुर के निर्देश पर एसडीपीओ कहलगांव-2 पंकज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था।
- सटीक सूचना: 25 फरवरी की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि दियारा क्षेत्र के बड़ी मोहनपुर (बजरंगबली मंदिर के पास) कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग कर रहे हैं।
- कार्रवाई: पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और पांचों बदमाशों को रंगे हाथ धर दबोचा। तलाशी के दौरान इनके पास से दो देसी कट्टा और खोखा बरामद किया गया है।
शातिर उमेश मंडल सहित 5 गिरफ्तार
गिरफ्तार बदमाशों में सबसे प्रमुख नाम उमेश मंडल का है, जो इलाके का चर्चित अपराधी माना जाता है।
- उमेश मंडल: इसके खिलाफ एकचारी दियारा थाना में पहले से तीन गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस इसके अन्य आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है।
- रामबलि मंडल
- ज्योतिष मंडल
- हरी कीर्तन मंडल
- रोहित कुमार
एसडीपीओ पंकज कुमार ने पीरपैंती कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि ये सभी बदमाश सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय थे और किसी संगीन अपराध की योजना बना रहे थे।
तीन जिलों की सीमा पर था जमावड़ा
जिस स्थान से इन बदमाशों की गिरफ्तारी हुई है, वह कटिहार और नवगछिया पुलिस जिलों की सीमा से सटा हुआ है। भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर ये अपराधी एक जिले में अपराध कर दूसरे जिले में शरण लेते थे। पुलिस अब कटिहार और नवगछिया पुलिस से संपर्क साध रही है ताकि इनके अंतर-जिला नेटवर्क और वहां दर्ज मामलों का पता लगाया जा सके।
VOB का नजरिया: दियारा में ‘सफेदपोश’ और ‘बंदूक’ का गठजोड़?
दियारा क्षेत्रों में अक्सर फसल कटनी या वर्चस्व को लेकर गोलीबारी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। पीरपैंती पुलिस की यह मुस्तैदी सराहनीय है, क्योंकि समय रहते इन हथियारों की बरामदगी ने किसी संभावित बड़ी अनहोनी को टाल दिया है। हालांकि, पुलिस के लिए असली चुनौती इन अपराधियों के ‘आकाओं’ और हथियारों की सप्लाई चेन तक पहुँचना है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


