
पीरपैंती (भागलपुर)। बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड अंतर्गत बाखरपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसी वीभत्स और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां समाज आधुनिकता की बातें करता है, वहीं दूसरी ओर मासूम बच्चियां आज भी सुरक्षित नहीं हैं। शनिवार, 25 अप्रैल 2026 की देर रात एक 11 वर्षीय अबोध नाबालिग लड़की के साथ मक्के के खेत में ले जाकर दुष्कर्म किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। अपराधी की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी; उसने साक्ष्य मिटाने और अपनी पहचान छुपाने के उद्देश्य से मासूम का गला दबाकर उसे जान से मारने का भी प्रयास किया। घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य संकलन के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया है।
वारदात की रूह कंपा देने वाली दास्तां: आधी रात को मक्के के खेत में हैवानियत
यह हृदयविदारक घटना बाखरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की है। जानकारी के अनुसार, शनिवार की रात पूरा परिवार निश्चिंत होकर सो रहा था। रात के लगभग डेढ़ बजे का समय था, जब सन्नाटे का फायदा उठाकर पड़ोस में ही रहने वाला एक युवक घर की मर्यादा लांघकर भीतर दाखिल हुआ। पीड़ित मासूम अपनी छोटी बहन के साथ नीचे बरामदे में सोई हुई थी, जबकि माँ अपने दो बेटों के साथ छत पर सो रही थी।
आरोपी ने बड़ी ही शातिर तरीके से नाबालिग का अपहरण किया और उसे पास के ही एक मक्के के खेत में ले गया। वहां उसने मासूमियत को तार-तार करते हुए उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। बच्ची ने जब विरोध करने की कोशिश की या चिल्लाना चाहा, तो आरोपी ने उसका गला दबा दिया ताकि वह हमेशा के लिए खामोश हो जाए। घटना के बाद आरोपी मासूम को मरणासन्न और बेहोशी की हालत में खेत में ही छोड़कर फरार हो गया।
माँ की ममता और खौफनाक मंजर: जब बरामदे से गायब मिली बेटी
घटना का खुलासा तब हुआ जब रात के करीब 1:30 बजे मासूम की माँ पानी पीने के लिए छत से नीचे उतरी। नीचे पहुँचते ही उसकी नजर जब बरामदे पर पड़ी, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने देखा कि उसकी बड़ी बेटी वहां मौजूद नहीं है। माँ ने तुरंत शोर मचाया और परिजनों को जगाया। आनन-फानन में खोजबीन शुरू की गई। काफी तलाश के बाद परिजनों ने देखा कि बगल का ही एक लड़का उसकी बेटी को उठाकर ले गया था।
जब परिजन मक्के के खेत की ओर दौड़े, तो वहां का दृश्य देखकर सबकी रूह कांप गई। उनकी 11 साल की बच्ची खून से लथपथ और बेहोशी की अवस्था में पड़ी थी। उसके गले पर नाखूनों और गला दबाने के गहरे जख्म के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। माँ और परिजनों ने उसी हालत में उसे सीने से लगाया और घर ले आए, जहाँ से तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और अस्पताल की ओर भागे।
पुलिसिया कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच: सबूतों की तलाश
बाखरपुर थानाध्यक्ष नागेंद्र कुमार को जैसे ही इस जघन्य अपराध की सूचना मिली, वे बिना वक्त गंवाए पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने मक्के के खेत का निरीक्षण किया, जहाँ संघर्ष के निशान मौजूद थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़िता की माँ ने अपने फर्द बयान में स्पष्ट रूप से बगल के एक लड़के पर अपनी बेटी को उठाकर ले जाने और उसके साथ कुकर्म करने का आरोप लगाया है।
मामले की संवेदनशीलता और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए एफएसएल (FSL) की टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिट्टी के नमूने, बच्ची के कपड़े और अन्य भौतिक साक्ष्य इकट्ठा किए हैं, ताकि वैज्ञानिक तरीके से आरोपी का गुनाह साबित किया जा सके। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि मेडिकल जांच और साक्ष्यों के आधार पर कानून सम्मत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग: भागलपुर किया गया रेफर
गंभीर रूप से घायल और बेहोश मासूम को परिजन सबसे पहले रेफरल अस्पताल लेकर पहुँचे। वहां बाखरपुर और पीरपैंती थाना की पुलिस भी स्थिति का जायजा लेने पहुँची। डॉक्टरों ने पाया कि बच्ची की हालत अत्यंत नाजुक है और उसे आंतरिक चोटें भी आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद, बेहतर चिकित्सा सुविधा और विस्तृत मेडिकल परीक्षण के लिए उसे तुरंत भागलपुर रेफर कर दिया गया।
वर्तमान में बच्ची भागलपुर के एक अस्पताल में विशेषज्ञों की निगरानी में है। गला दबाए जाने के कारण उसे सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। डॉक्टर उसकी शारीरिक स्थिति को स्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसके बाद ही उसका विधिवत मेडिकल बोर्ड द्वारा परीक्षण किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।


