
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर जिले के असरगंज प्रखंड अंतर्गत बैजलपुर गांव स्थित काली मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें संस्करण के लाइव प्रसारण में भाग लिया। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद यह पहला अवसर था जब वे अपने गृह जिले पहुंचे और स्थानीय जनता के बीच सीधे संवाद किया। इस दौरान आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विकास, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याण से जुड़े कई बड़े ऐलान किए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रम देश को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं और समाज के हर वर्ग को प्रेरित करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और बिहार भी इस यात्रा में पीछे नहीं रहेगा।
जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर तक की गतिविधियों की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान तेजी और पारदर्शिता के साथ हो सके। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि हर महीने दो दिन पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोगों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया जाएगा। यह कार्यक्रम ‘सहयोग कार्यक्रम’ के तहत संचालित होगा और इसका लक्ष्य है कि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी अधिकारी एक महीने से अधिक समय तक फाइल लंबित रखता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
विकास के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश लाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने लक्ष्य रखा कि नवंबर तक राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योग और फैक्ट्रियां स्थापित करने की योजना पर भी काम चल रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए कहा कि मुंगेर से भागलपुर तक मरीन ड्राइव का निर्माण किया जा रहा है, जो क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इसके अलावा गंगा नदी के जल प्रबंधन को लेकर भी बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं, ताकि बाढ़ की समस्या से स्थायी समाधान मिल सके।
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर भी मुख्यमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में मौजूद झीलों और डैमों में गंगा का पानी संग्रहित कर जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
किसानों के हितों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक किसान समृद्ध नहीं होगा, तब तक बिहार मजबूत नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
अतिक्रमण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकारी जमीन पर किए गए किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि उनके अपने घर की सीढ़ी भी अतिक्रमण में आती है, तो उसे भी तोड़ा जाएगा। इससे साफ है कि कानून सभी के लिए समान है और किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी।
ऊर्जा क्षेत्र में सुधार की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सोलर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोगों के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की योजना है, जिससे उन्हें 150 यूनिट तक बिजली मिल सकेगी और बिजली के लिए सरकारी निर्भरता कम होगी।
शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी सरकार कई योजनाएं चला रही है। तारापुर आईटीआई में 1000 विद्यार्थियों को स्किल्ड बनाने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि असरगंज क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। ढोल पहाड़ी और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य बिहार को सुंदर, समृद्ध और विकसित राज्य बनाना है। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि वे उनके सपनों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे और राज्य के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में विधायक कुमार प्रणय, पूर्व विधायक राजीव सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण पोद्दार, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
इस जन संवाद और ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य सरकार विकास, सुशासन और जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर है। आने वाले समय में इन घोषणाओं का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव पड़ता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा, लेकिन फिलहाल यह कार्यक्रम सरकार की प्राथमिकताओं और दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से सामने लाने में सफल रहा।


