
पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद भोजपुरी फिल्मों के पावर स्टार Pawan Singh शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भाजपा नेताओं से मुलाकात की और पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार जताया।
प्रदेश अध्यक्ष से की मुलाकात
भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचने पर पवन सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष Sanjay Saraogi और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने पर पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद किया।
बताया जा रहा है कि 8 जून को एनडीए के अन्य उम्मीदवारों के साथ पवन सिंह भी अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
“पार्टी मेरी मां है” – पवन सिंह
मीडिया से बातचीत में पवन सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे।
“मैं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को दिल से प्रणाम करता हूं और पार्टी का धन्यवाद देता हूं। पार्टी मेरी मां है और मैं भाजपा परिवार का एक सच्चा सेवक हूं। आजीवन पार्टी की सेवा करता रहूंगा। मुझे सिर्फ और सिर्फ जनता और संगठन की सेवा करनी है।”
उनके इस बयान को भाजपा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और राजनीतिक सक्रियता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
BJP ने चार उम्मीदवारों का किया है ऐलान
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा ने चार उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। पार्टी ने पवन सिंह के अलावा Sanjay Mayukh, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को भी उम्मीदवार बनाया है।
इन नामों की घोषणा के बाद बिहार की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, खासकर पवन सिंह की उम्मीदवारी को लेकर।
राजनीति में बढ़ा पवन सिंह का कद
भोजपुरी सिनेमा और संगीत जगत में लोकप्रिय चेहरा रहे पवन सिंह पिछले कुछ वर्षों से भाजपा के कार्यक्रमों और चुनावी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पार्टी द्वारा उन्हें विधान परिषद उम्मीदवार बनाए जाने को राजनीतिक रूप से एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने पवन सिंह को मौका देकर भोजपुरी भाषी क्षेत्रों और युवा वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है।
8 जून को होगा नामांकन
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया जारी है। एनडीए के सभी उम्मीदवार 8 जून को नामांकन दाखिल करेंगे। इसके बाद चुनावी तस्वीर और साफ होगी।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि विधान परिषद पहुंचने के बाद Pawan Singh राजनीति में किस तरह की भूमिका निभाते हैं और पार्टी उन्हें आगे कौन-सी जिम्मेदारियां सौंपती है।


