
पटना। बिहार की राजधानी का फेफड़ा कहे जाने वाले ‘संजय गांधी जैविक उद्यान’ (पटना जू) में अब पर्यटकों को एक बिल्कुल नया और आधुनिक अनुभव मिलने वाला है। वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यटकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए जू प्रशासन ने अपनी सेवाओं का पूरी तरह से डिजिटल कायाकल्प कर दिया है। अब पर्यटकों को न तो टिकट की लंबी कतारों में लगने की जरूरत है और न ही जू के भीतर जानवरों की जानकारी के लिए भटकना पड़ेगा। रविवार, 12 अप्रैल 2026 को जू प्रशासन द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, पटना जू में ‘एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम’ (वन्यप्राणी अदला-बदली) के तहत जल्द ही सफेद बाघ और दुर्लभ शांघाई हिरण जैसे नए मेहमान आने वाले हैं। डिजिटल सेवाओं और नई सुविधाओं के इस तालमेल ने पटना जू को प्रकृति प्रेमियों और परिवारों के लिए एक ‘स्मार्ट डेस्टिनेशन’ बना दिया है।
डिजिटल क्रांति: घर बैठे बुक करें टिकट और ऐप से जानें जू का हाल
डिजिटल इंडिया की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए पटना जू ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप को लॉन्च किया है। इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि अब पर्यटक अपनी यात्रा से पहले ही ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।
- ऑनलाइन बुकिंग का क्रेज: गत 21 मार्च से शुरू हुई ऑनलाइन टिकट सेवा को पर्यटकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1625 लोगों ने घर बैठे टिकट बुक कर अपनी यात्रा को सुगम बनाया है।
- गाइडेड टूर: मात्र 10 रुपये के मामूली शुल्क पर जू प्रशासन ने ‘गाइडेड टूर’ की शुरुआत की है। पिछले महज छह दिनों में ही 1023 पर्यटकों ने इस सेवा का लाभ उठाया है। गाइड के माध्यम से पर्यटकों को वन्यजीवों की आदतों, उनके खान-पान और जू की ऐतिहासिक महत्ता के बारे में दिलचस्प जानकारियां मिल रही हैं।
एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम: 15 जाएंगे, 23 नए मेहमान आएंगे
वन्यजीवों की विविधता को बढ़ाने के लिए पटना जू ने दिल्ली और हरियाणा के चिड़ियाघरों के साथ जानवरों की अदला-बदली का एक बड़ा करार किया है। इस योजना के तहत पटना से कुल 15 जानवर बाहर भेजे जाएंगे, जबकि बदले में 23 नए वन्यजीव पटना जू की रौनक बढ़ाएंगे।
दिल्ली चिड़ियाघर से होने वाला आदान-प्रदान:
- पटना से दिल्ली जाएंगे: 4 इंडियन ग्रे भेड़िये (2 नर, 2 मादा), 1 बाघ, 4 घड़ियाल, 2 कॉमन रैट सांप और 2 कॉमन बार्न उल्लू।
- दिल्ली से पटना आएंगे: पर्यटकों का सबसे मुख्य आकर्षण 1 मादा सफेद बाघ होगी। इसके अलावा 6 शांघाई हिरण (2 नर, 4 मादा), 4 सफेद ब्लैकबक (2 नर, 2 मादा), 4 रोजी पेलिकन और 4 पेंटेड स्टॉर्क पटना लाए जाएंगे।
रोहतक जू (हरियाणा) से होने वाला आदान-प्रदान:
- पटना से रोहतक जाएंगे: 3 इंडियन ग्रे भेड़िये (2 नर, 1 मादा)।
- रोहतक से पटना आएंगे: 2 ग्रीन इगुआना और 2 सिल्वर फेजेंट।
मनोरंजन और प्रकृति का संगम: बच्चों के लिए खास इंतजाम
पटना जू केवल जानवरों को देखने की जगह नहीं, बल्कि एक संपूर्ण मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों के लिए यहाँ कई विशेष आकर्षण मौजूद हैं:
- चिल्ड्रेन पार्क: बच्चों के खेलने के लिए अत्याधुनिक चिल्ड्रेन पार्क विकसित किया गया है। यहाँ का टिकट वयस्कों के लिए 20 रुपये और बच्चों के लिए 10 रुपये निर्धारित है।
- फ्री डिजिटल डिलाइट: जू में 3डी थिएटर और जल उद्यान जैसी सुविधाएं पर्यटकों के लिए पूरी तरह निःशुल्क हैं। 3डी थिएटर के जरिए बच्चों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
- वनस्पतिक विविधता: जू में वर्तमान में 93 प्रजातियों के लगभग 1100 वन्यजीव मौजूद हैं। साथ ही यहाँ करीब 800 प्रकार के दुर्लभ पेड़-पौधे और औषधीय वनस्पतियां हैं, जो इसे एक समृद्ध बॉटनिकल गार्डन का दर्जा भी दिलाती हैं।
वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
जू प्रशासन का मानना है कि ‘एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम’ से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि इनब्रीडिंग (Inbreeding) की समस्या को कम करने और जानवरों की जेनेटिक विविधता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। नए जानवरों के आने से पटना जू में वन्यजीवों का कुनबा और अधिक संतुलित होगा। विशेष रूप से सफेद बाघ और शांघाई हिरण जैसे दुर्लभ जीवों का आगमन शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए भी अध्ययन का बड़ा केंद्र बनेगा।
सुशासन और आधुनिक प्रबंधन का उदाहरण
पटना जू में बढ़ती सुविधाएं और डिजिटल पारदर्शिता सुशासन का एक बेहतरीन उदाहरण है। जिस तरह से तकनीक का उपयोग पर्यटकों की सहूलियत के लिए किया जा रहा है, वह सराहनीय है। The Voice of Bihar (VOB) की टीम वन्यजीवों के इस नए आदान-प्रदान का स्वागत करती है। अब बिहारवासियों को सफेद बाघ का दीदार करने के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जैसे ही नए मेहमानों का आगमन होगा, पटना जू की रौनक और अधिक बढ़ जाएगी।
यदि आप भी प्रकृति और वन्यजीवों के करीब जाना चाहते हैं, तो पटना जू का नया ‘डिजिटल अवतार’ आपका स्वागत करने के लिए तैयार है। बस मोबाइल निकालिए, टिकट बुक कीजिए और अपने परिवार के साथ प्रकृति की इस गोद का आनंद लीजिए।


