
पटना। राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले पारस एमएमआरआई अस्पताल में गैंगस्टर चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या करने वालों में सबसे आगे चलने वाला शख्स तौसीफ होदा उर्फ ‘तौसीफ बादशाह’ था। CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि अस्पताल के भीतर घुसते समय तौसीफ सबसे आगे था, चेहरे पर कोई डर नहीं, चाल बेखौफ और नजरें सीधे कैमरे की ओर।
हत्या के बाद बनाया वीडियो, मौत कंफर्म कर निकला बाहर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चंदन मिश्रा को गोली मारने के बाद भी तौसीफ घबराया नहीं। वह बाकी शूटरों की तरह भागा नहीं, बल्कि कमरे में कुछ देर रुका रहा और कथित तौर पर मोबाइल से एक वीडियो भी बनाया। जब उसे पूरी तरह से चंदन की मौत का भरोसा हो गया, तब वह धीरे-धीरे चलते हुए वार्ड से बाहर निकला।
CCTV में दिखा दबंग अंदाज़, कमर से निकाली पिस्टल
वारदात के दौरान अस्पताल के सेकेंड फ्लोर पर चढ़ते हुए तौसीफ सबसे आगे था। वार्ड के पास पहुंचकर आराम से कमर से पिस्टल निकाली, कैमरे की ओर देखा और फिर सीधे चंदन के कमरे में दाखिल हुआ। उसके पीछे चार अन्य हमलावर थे।
पटना के प्रतिष्ठित स्कूल से पढ़ा, परिवार में कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं
तौसीफ ने पटना के सेंट कैरेंस स्कूल से पढ़ाई की थी। उसकी मां शिक्षिका हैं, जबकि पिता का एक हार्डवेयर का दुकान है। घर फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र में है। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वह ‘तौसीफ बादशाह’ के नाम से सक्रिय रहता है। उसके सोशल मीडिया बायो में लिखा है— “नाम से शहर डोलता है… ये हम नहीं जमाना बोलता है…”
पहले भी हथियार और गांजा के साथ हो चुकी है गिरफ्तारी
- 21 जून 2021: इसापुर पुल के पास देसी पिस्टल के साथ गिरफ्तार, आर्म्स एक्ट में जेल भेजा गया।
- 8 जुलाई 2022: फुलवारी शरीफ थाना पुलिस ने गांजा और हथियार के साथ फिर से गिरफ्तार किया।
जेल में रहते हुए उसकी दोस्ती कई अन्य अपराधियों से हुई, जिनके साथ उसने बाहर निकलने के बाद संपर्क बनाए रखा। हाल के दिनों में वह जमीन की खरीद-फरोख्त के धंधे से भी जुड़ गया था।
दबंगई भरे डायलॉग्स और रील्स से पब्लिक इमेज बनाता था
तौसीफ के सोशल मीडिया प्रोफाइल पर कई वीडियो मौजूद हैं, जिसमें वह फिल्मों के डायलॉग के साथ रील बनाता है। कुछ में वह कहता है— “जिस जंगल में तुम शेर बने घूमते हो, उस जंगल के बेखौफ शिकारी हैं हम”। जेल से पेशी के दौरान भी उसने वीडियो बनाया था।
पुलिस कर रही छापेमारी, कई ठिकानों पर दबिश
पटना पुलिस, STF और SIT की टीमों ने अब तक बिहार और बंगाल में 14 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है। शूटरों के करीबियों और रिश्तेदारों से पूछताछ जारी है। तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं। हालांकि, अब तक तौसीफ की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
इस वारदात ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब एक सजायाफ्ता अपराधी अस्पताल में भर्ती था और वहीं उसकी दिनदहाड़े हत्या कर दी गई।


