
पटना: बिहार विधानसभा ने बुधवार को बिहार अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि यह संशोधन विपक्ष द्वारा उठाई गई कई चिंताओं और सुझावों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वर्ष 2024 के अधिनियम में संशोधन है, जिसका उद्देश्य बदलते समय के अनुरूप कानून को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाना है।
सदन में बोलते हुए विजय कुमार चौधरी ने कहा कि अख्तरुल ईमान, राहुल शर्मा सहित कई विपक्षी सदस्यों ने जिन मुद्दों को उठाया था, उन्हें संशोधन में शामिल किया गया है। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार विपक्ष के सुझावों को स्वीकार कर रही है, तो फिर इस कानून का विरोध क्यों किया जा रहा है।
सोशल मीडिया से होने वाले अपराधों पर अब होगी सख्ती
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पहले अपराध पारंपरिक तरीकों से होते थे, लेकिन अब सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी अफवाह फैलाने, लोगों को भड़काने और संगठित अपराध को बढ़ावा देने जैसी गतिविधियां बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि पुराने कानून में ऐसे अपराधों से निपटने के पर्याप्त प्रावधान नहीं थे, इसलिए संशोधन आवश्यक हो गया था।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकना है, न कि उसके सामान्य और वैध उपयोग पर किसी तरह की रोक लगाना।
मानव तस्करी की परिभाषा हुई व्यापक
विजय कुमार चौधरी ने बताया कि संशोधन में मानव तस्करी से जुड़े प्रावधानों को भी मजबूत किया गया है। पहले कानून में केवल महिलाओं और बच्चों की तस्करी का उल्लेख था, लेकिन अब किसी भी व्यक्ति की तस्करी को अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है, ताकि अपराधी कानूनी खामियों का लाभ न उठा सकें।
नफरत फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि संविधान और मौजूदा कानूनों के अनुरूप यदि कोई व्यक्ति जाति, धर्म या अन्य किसी आधार पर नफरत फैलाने या सामाजिक वैमनस्य पैदा करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ स्पष्ट कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है।
CCA पर सरकार ने दूर की आशंकाएं
सीसीए (Crime Control Act) को लेकर विपक्ष द्वारा उठाई गई आशंकाओं पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह धारणा गलत है कि कानून किसी भी व्यक्ति पर मनमाने ढंग से लागू कर दिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सीसीए केवल उन्हीं लोगों पर लागू होगा जिनके खिलाफ कम-से-कम दो मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी हो या एक मामले में वे अदालत से दोषी करार दिए जा चुके हों। इसके बिना किसी व्यक्ति पर इस कानून के तहत कार्रवाई नहीं की जाएगी।
“सरकार की मंशा कानून का दुरुपयोग नहीं”
विजय कुमार चौधरी ने कहा कि किसी भी कानून की सफलता उसके सही क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। यदि कोई अधिकारी कानून का दुरुपयोग करता है तो वह स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार किसी भी कानून का दुरुपयोग नहीं होने देगी। सरकार का लक्ष्य केवल संगठित अपराध, डिजिटल अपराध और समाज विरोधी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।



