
पटना, 19 मई 2026: बिहार की राजधानी पटना से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। ट्यूशन पढ़ाने आने वाले एक युवक पर नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और नेपाल भागने की कोशिश करने का आरोप लगा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को भारत-नेपाल सीमा के पास रक्सौल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ लापता छात्रा भी बरामद कर ली गई है।
यह मामला पटना जिले के खुशरूपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। परिवार वालों का आरोप है कि जिस युवक पर उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई की जिम्मेदारी सौंपी थी, उसी ने भरोसे का फायदा उठाकर पूरी साजिश को अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार, 16 मई को छात्रा अचानक घर से गायब हो गई थी। शुरुआत में परिवार वालों को लगा कि वह आसपास कहीं गई होगी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर चिंता बढ़ गई। परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां भी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिवार को शक हुआ कि घर पर पढ़ाने आने वाला ट्यूशन शिक्षक अभिमन्यु कुमार ही छात्रा को अपने साथ लेकर गया है।
परिवार ने तुरंत खुशरूपुर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में अभिमन्यु कुमार के साथ उसके पिता दिनेश राय, माता आशा देवी और भाई मनीष कुमार को भी नामजद किया गया। परिजनों का आरोप था कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं, बल्कि पहले से तैयार की गई योजना का हिस्सा था। उनका कहना था कि आरोपी काफी समय से छात्रा के संपर्क में था और धीरे-धीरे उसे अपने प्रभाव में ले रहा था।
मामला दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आ गई। नाबालिग छात्रा के अपहरण का मामला होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और तुरंत जांच शुरू कर दी। सबसे पहले आरोपी के मोबाइल नंबर और उसके परिचितों की जानकारी खंगाली गई। पुलिस को शक था कि आरोपी बिहार से बाहर भागने की कोशिश कर सकता है।
इसी बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी छात्रा को लेकर नेपाल सीमा की ओर बढ़ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तकनीकी जांच तेज कर दी। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स के आधार पर टीम ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी लगातार अपना लोकेशन बदल रहा था और पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था।
इसके बाद पटना पुलिस ने पूर्वी चंपारण जिले की रक्सौल पुलिस से संपर्क किया। दोनों जिलों की पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाते हुए भारत-नेपाल सीमा के आसपास निगरानी बढ़ा दी। बॉर्डर पर वाहनों और संदिग्ध लोगों की सघन जांच शुरू की गई ताकि आरोपी किसी भी हालत में सीमा पार न कर सके।
काफी देर तक चली जांच और तलाश के दौरान पुलिस को सीमा के पास एक युवक और उसके साथ एक नाबालिग लड़की संदिग्ध स्थिति में दिखाई दिए। पुलिस टीम ने दोनों को रोककर पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में ही पुष्टि हो गई कि लड़की वही लापता छात्रा है जिसकी तलाश की जा रही थी और युवक अभिमन्यु कुमार है।
पुलिस ने तुरंत दोनों को हिरासत में ले लिया और रक्सौल थाना पहुंचाया गया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी नेपाल भागने की योजना बना चुका था। वह सीमा पार कर अपनी पहचान छिपाना चाहता था ताकि पुलिस की पहुंच से दूर रह सके।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी रक्सौल के एक होटल में कुछ समय के लिए रुका था। पुलिस अब होटल के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी के साथ कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेपाल में आरोपी का कोई संपर्क था या नहीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में मानव तस्करी, अपहरण और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराने और उसका बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि छात्रा को किस तरह बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया गया और क्या उस पर किसी प्रकार का दबाव बनाया गया था।
घटना के बाद इलाके में काफी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभिभावक बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए ट्यूशन शिक्षकों पर भरोसा करते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं समाज में डर पैदा कर रही हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में अभिभावकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। बच्चों की गतिविधियों, उनके संपर्क और व्यवहार पर लगातार नजर रखना जरूरी है। खासकर सोशल मीडिया और मोबाइल के दौर में किशोरों को बहकाना पहले की तुलना में आसान हो गया है।
पुलिस फिलहाल आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या उसने पहले भी किसी छात्रा या अन्य नाबालिग के साथ इस तरह का व्यवहार किया था। आरोपी के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है ताकि पूरे नेटवर्क और संपर्कों की जानकारी मिल सके।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर समाज और परिवार कितने सजग हैं। पटना से लेकर रक्सौल बॉर्डर तक चले इस ऑपरेशन ने पुलिस की सक्रियता जरूर दिखाई, लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया कि अपराधी अब रिश्तों और भरोसे का इस्तेमाल करके भी गंभीर अपराधों को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल छात्रा सुरक्षित बरामद कर ली गई है और उसे परिवार के संपर्क में लाया जा रहा है। वहीं आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


