पटना में नाबालिग के साथ अमानवीय घटना, मदद के बहाने फंसाकर दो दिनों तक बनाया बंधक; दो आरोपी गिरफ्तार

एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विजयवाड़ा से अपने पैतृक गांव मोतिहारी लौट रही 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को पटना जंक्शन पर मदद का झांसा देकर कुछ युवकों ने अपने जाल में फंसा लिया। आरोप है कि युवकों ने उसे दो दिनों तक बंधक बनाकर प्रताड़ित किया और उसकी तबीयत बिगड़ने पर दानापुर रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गए। मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार पीड़िता विजयवाड़ा से ट्रेन के जरिए बिहार लौट रही थी। उसे पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी स्थित अपने गांव जाना था। एक मई की शाम करीब तीन बजे वह पटना जंक्शन पहुंची। इसी दौरान स्टेशन परिसर में उसका मोबाइल फोन चोरी हो गया। मोबाइल चोरी होने के बाद वह काफी परेशान हो गई और स्टेशन पर बैठकर रोने लगी।

इसी बीच एक युवक उसके पास पहुंचा और खुद को मददगार बताते हुए भरोसा दिलाने लगा कि वह उसकी शिकायत दर्ज कराने में सहायता करेगा। नाबालिग उसकी बातों में आ गई। आरोप है कि युवक उसे ऑटो से गांधी मैदान इलाके की ओर ले गया। वहां कुछ देर रुकने के बाद उसका एक साथी सफेद रंग की कार से पहुंचा।

जांच के दौरान सामने आया कि दोनों युवकों ने नाबालिग को डरा-धमकाकर अपने कब्जे में रखा। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और किसी से संपर्क नहीं करने दिया। अगले दिन भी उसे शहर के विभिन्न इलाकों में घुमाया गया ताकि वह किसी से मदद न मांग सके।

पुलिस के अनुसार बाद में उसे बेउर इलाके के एक निर्माणाधीन मकान में ले जाया गया, जहां एक अन्य युवक भी मौजूद था। वहां पीड़िता के साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप है। लगातार प्रताड़ना और डर के माहौल के कारण उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद आरोपी घबरा गए और उसे दानापुर रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गए।

पीड़िता किसी तरह रेलवे स्टेशन पहुंची और वहां मौजूद लोगों से मदद मांगी। इसी दौरान वह युवक भी वहां पहुंच गया, जिसने शुरुआत में मदद का भरोसा देकर उसे अपने साथ ले गया था। उसने दोबारा पीड़िता को अपने साथ चलने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की। पीड़िता के विरोध करने पर आसपास मौजूद लोगों को संदेह हुआ और उन्होंने युवक को पकड़ लिया। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही और दानापुर रेल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया और पीड़िता को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा। बाद में पुलिस ने मामले में एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

पीड़िता का इलाज में चल रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में उसकी चिकित्सकीय जांच की गई है। पुलिस ने पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है। रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की सटीक जानकारी मिल सके। साथ ही आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे स्टेशन और बस अड्डों जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपराधी अक्सर मददगार बनकर लोगों को निशाना बनाते हैं। खासकर अकेले यात्रा कर रहे बच्चे और महिलाएं ऐसे अपराधियों के आसान लक्ष्य बन जाते हैं। इसलिए जागरूकता के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें। यदि यात्रा के दौरान कोई परेशानी हो तो रेलवे पुलिस, हेल्पलाइन नंबर या अधिकृत कर्मचारियों से ही संपर्क करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की भी अपील की गई है।

घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने समाज और प्रशासन दोनों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। लोगों का कहना है कि आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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