मेट्रो परिचालन से पहले सभी सुरक्षा मानकों की पड़ताल, पटना मेट्रो ने बढ़ाया एक और कदम

मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त ने डिपो, रॉलिंग स्टॉक और प्रायोरिटी कॉरिडोर का किया निरीक्षण, संचालन से पहले सुरक्षा को मिली सर्वोच्च प्राथमिकता

पटना, 17 सितंबर।राजधानी पटना में मेट्रो रेल परिचालन से पहले सुरक्षा मानकों की गहन पड़ताल की गई। मंगलवार को मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (CMRS) जनक कुमार गर्ग ने पटना मेट्रो डिपो, रॉलिंग स्टॉक और प्रायोरिटी कॉरिडोर के तीन स्टेशनों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन सुविधाओं, ट्रेन संचालन प्रणाली और डिपो के हर पहलू की बारीकी से जांच की।

निरीक्षण के दौरान श्री गर्ग ने मेट्रो के रॉलिंग स्टॉक को 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाकर सुरक्षा और संरक्षा से जुड़े सभी मानकों की खुद समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेट्रो परिचालन में जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी सुरक्षा व परिचालन प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होगा।

उच्च स्तरीय बैठक में हुई समीक्षा

निरीक्षण के बाद एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें नगर विकास एवं आवास विभाग सह पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PMRCL) के प्रबंध निदेशक अभय कुमार सिंह, अपर प्रबंध निदेशक सह नगर विकास एवं आवास विभाग की संयुक्त सचिव अभिलाषा शर्मा, साथ ही पीएमआरसीएल और डीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में श्री गर्ग ने कहा कि योजना, निर्माण, संचालन और अनुरक्षण—परियोजना के हर चरण में सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाए। साथ ही उन्होंने सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

पटना मेट्रो ने तय किया नया मुकाम

निरीक्षण और समीक्षा के बाद यह साफ हो गया कि पटना मेट्रो ने आम लोगों को सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में एक और अहम मुकाम हासिल कर लिया है। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद अब मेट्रो परिचालन की राह और साफ हो गई है।


 

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