पटना/मोतिहारी। पटना हाईकोर्ट ने मोतिहारी की मेयर प्रीति कुमारी के पति और आरजेडी नेता देवा गुप्ता को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने अपने आदेश में फिलहाल देवा गुप्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के इस फैसले को जहां देवा गुप्ता के लिए राहत माना जा रहा है, वहीं मोतिहारी पुलिस के लिए यह एक बड़ा झटका है।
टॉप-100 अपराधियों की सूची में था नाम
20 दिसंबर 2025 को मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने जिले के 100 कुख्यात अपराधियों की सूची जारी की थी। इस सूची में जमीन माफिया, शराब तस्कर, हत्या और लूट जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त लोगों को शामिल किया गया था।
इस सूची में सबसे पहले नंबर पर देवा गुप्ता का नाम दर्ज किया गया था।
एक लाख रुपये का इनाम घोषित
एसपी स्वर्ण प्रभात के अनुसार देवा गुप्ता के खिलाफ 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से दो मामलों में वह फरार चल रहे थे। पुलिस ने उन पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और 10 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश भी दिया गया था।
हाईकोर्ट में दायर की अग्रिम जमानत याचिका
इनामी घोषणा के बाद देवा गुप्ता ने पटना हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत से संबंधित याचिका दायर की थी। गुरुवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय कुमार की एकलपीठ ने पुलिस को निर्देश दिया कि कोर्ट की अनुमति के बिना देवा गुप्ता की गिरफ्तारी न की जाए।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 15 दिनों बाद के लिए निर्धारित की है।
वकील का तर्क: राजनीतिक बदले की कार्रवाई
देवा गुप्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मामले पुराने हैं और यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। वकील ने कहा कि पुलिस दबाव बनाकर एक जनप्रतिनिधि के परिवार को निशाना बना रही है।
कौन हैं देवा गुप्ता?
देवा गुप्ता मोतिहारी की मेयर प्रीति कुमारी के पति हैं। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद के टिकट पर मोतिहारी सीट से चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, देवा गुप्ता का नाम कई आपराधिक मामलों में दर्ज है, जिनमें—
- 2022 में एक व्यापारी की हत्या का मामला
- 2018 में चिरैया थाना क्षेत्र में जमीन विवाद में गोली मारकर हत्या
- रंगदारी, लूट और अवैध वसूली जैसे आरोप शामिल हैं
पुलिस का दावा: संगठित गिरोह चलाने का आरोप
मोतिहारी पुलिस का दावा है कि देवा गुप्ता का संगठित गिरोह जिले में सक्रिय है और जमीन विवादों में हिंसा तथा रंगदारी वसूली उसके प्रमुख अपराध हैं। पुलिस का कहना है कि राजनीतिक रसूख के बल पर वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।
समर्थकों ने बताया राजनीतिक साजिश
वहीं, देवा गुप्ता की पत्नी और मोतिहारी की मेयर प्रीति कुमारी ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया है। राजद नेताओं ने भी इसे विपक्षी दलों द्वारा बदले की कार्रवाई करार दिया है।
राजद के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि—
“देवा गुप्ता एक सामान्य राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। उन पर झूठे और मनगढ़ंत मामले दर्ज किए गए हैं।”
दूसरी ओर, भाजपा और जदयू नेताओं ने इस मामले को लेकर राजद पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।
अगली सुनवाई पर टिकी नजर
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश से देवा गुप्ता की गिरफ्तारी पर रोक है, लेकिन मामले की अगली सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आगे पुलिस कार्रवाई किस दिशा में जाती है। इस पूरे प्रकरण पर बिहार की राजनीति और कानून-व्यवस्था से जुड़ी बहस और तेज होने की संभावना है।


