
पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना जिले के धनरूआ अंचल में कार्यरत लिपिक शैलेश कुमार को 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर खानदानी जमीन की जमाबंदी कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
निगरानी विभाग के डीएसपी आसिफ रफीक मेहंदी ने बताया कि धनरूआ के रमनीबीघा गांव निवासी राजकुमार ने 17 जून 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अंचल लिपिक शैलेश कुमार जमाबंदी करने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है।
शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी विभाग ने विशेष धावा दल का गठन किया और सोमवार को योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया।
परिवादी ने क्या कहा?
परिवादी राजकुमार ने बताया कि खानदानी जमीन की जमाबंदी के लिए वह कई दिनों से कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे।
उन्होंने कहा,
“जमाबंदी के नाम पर 50 हजार रुपये मांगे जा रहे थे। काफी दिनों से परेशान किया जा रहा था, इसलिए मजबूर होकर निगरानी विभाग में शिकायत करनी पड़ी।”
डीएसपी ने दी जानकारी
निगरानी विभाग के डीएसपी आसिफ रफीक मेहंदी ने बताया,
“शिकायत मिलने के बाद उसका सत्यापन कराया गया। आरोप सही पाए जाने पर धावा दल का गठन किया गया और आरोपी लिपिक को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।”
लोगों में दिखा आक्रोश
गिरफ्तारी के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी लिपिक के खिलाफ नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वह लंबे समय से जमीन से जुड़े मामलों में लोगों को परेशान कर रिश्वत वसूलता था।
आगे की कार्रवाई
निगरानी विभाग ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


