मुख्यमंत्री सचिवालय के पास तेज रफ्तार कारों की जोरदार टक्कर, दो वाहन क्षतिग्रस्त होने से मची अफरा-तफरी

पटना, 21 मई 2026। बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार दोपहर मुख्यमंत्री सचिवालय के समीप बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। सचिवालय थाना क्षेत्र अंतर्गत मुख्यमंत्री सचिवालय कार्यालय के पास दो तेज रफ्तार कारों के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क पर आवाजाही प्रभावित हो गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई और वाहन सवार बाल-बाल बच गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना गुरुवार दोपहर करीब एक बजे हुई। बताया जा रहा है कि तेज गति से आ रही एक कार ने सामने चल रही दूसरी कार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में शामिल वाहनों में एक मारुति सुजुकी स्विफ्ट डिजायर और दूसरी किया कंपनी की कार बताई जा रही है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि टक्कर की आवाज काफी तेज थी, जिसे सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। हादसे के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हो गया। कई वाहन चालक अपनी गाड़ियां रोककर स्थिति देखने लगे। कुछ लोग तुरंत घायलों की मदद के लिए आगे आए।

दुर्घटना में एक कार का पिछला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि दूसरी कार के अगले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के दौरान एक वाहन का चक्का भी निकलकर अलग जा गिरा, जिससे दुर्घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसे के समय दोनों कारों में कई लोग सवार थे। टक्कर के बाद वाहन के अंदर बैठे लोग काफी घबरा गए। हालांकि सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।

घटना की जानकारी मिलते ही सचिवालय थाना पुलिस और यातायात पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तत्काल सड़क पर फंसे वाहनों को हटाने का काम शुरू किया ताकि यातायात सामान्य हो सके। दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है। हालांकि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि पूरी घटना की सटीक जानकारी मिल सके।

मुख्यमंत्री सचिवालय के आसपास का इलाका राजधानी पटना का अत्यंत संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्र माना जाता है। यहां दिनभर अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे इलाके में तेज रफ्तार वाहन चलाना सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राजधानी में लगातार बढ़ती ट्रैफिक भीड़ और तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क हादसों की घटनाएं बढ़ रही हैं। कई लोगों ने प्रशासन से मांग की कि संवेदनशील इलाकों में स्पीड कंट्रोल और ट्रैफिक निगरानी को और सख्त किया जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि शहरों में बढ़ती वाहन संख्या के साथ सड़क सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी हो गया है। तेज गति, लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी सड़क दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह बन रही है। यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती जाए तो छोटे हादसे भी बड़े नुकसान का कारण बन सकते हैं।

ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार राजधानी में लगातार सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके कई वाहन चालक नियमों की अनदेखी करते हैं।

पटना में हाल के महीनों में सड़क हादसों की कई घटनाएं सामने आई हैं। खासकर व्यस्त इलाकों में तेज रफ्तार और गलत तरीके से वाहन चलाने की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र के पास हुआ यह हादसा प्रशासन के लिए भी चेतावनी माना जा रहा है।

पुलिस ने बताया कि दोनों वाहनों के चालकों से पूछताछ की जा रही है। तकनीकी जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना में किसी प्रकार की लापरवाही या ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं। जरूरत पड़ने पर संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।

घटना के बाद कुछ समय के लिए इलाके में भारी जाम जैसी स्थिति बन गई थी। हालांकि पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों की तत्परता के कारण जल्द ही यातायात को सामान्य कर दिया गया। सड़क से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि हादसे के समय सड़क पर अधिक भीड़ होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। कई लोगों ने इसे बड़ी दुर्घटना टलने जैसा बताया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

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