
बक्सर। बिहार के बक्सर जिले में पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-922) पर बुधवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में एक ट्रेलर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। दो ट्रेलरों के बीच हुई जोरदार टक्कर इतनी भीषण थी कि चालक का शव ट्रेलर के क्षतिग्रस्त केबिन में बुरी तरह फंस गया। दुर्घटना के बाद शव को बाहर निकालने के लिए पुलिस, बचाव दल और क्रेन की मदद से कई घंटे तक राहत कार्य चलाया गया। घटना के बाद कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा।
पुलिस के अनुसार यह दुर्घटना बुधवार सुबह लगभग साढ़े तीन से चार बजे के बीच औद्योगिक थाना क्षेत्र में कतकौली गेट से कुछ दूरी आगे एनएच-922 की दक्षिणी लेन पर हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक ट्रेलर पहले से सड़क किनारे खड़ा था। इसी दौरान पटना की ओर से बक्सर जा रहा दूसरा ट्रेलर पीछे से आकर खड़े ट्रेलर से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि पीछे वाले ट्रेलर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के भीतर फंस गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। औद्योगिक थाना की पुलिस ने स्थिति का जायजा लेने के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए दो भारी क्रेन भी मौके पर बुलाए गए ताकि दोनों ट्रेलरों को अलग किया जा सके और यातायात को जल्द बहाल किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, टक्कर के कारण ट्रेलर का केबिन पूरी तरह पिचक गया था। चालक का शव इंजन और केबिन के बीच बुरी तरह फंस गया था, जिसके कारण उसे निकालना आसान नहीं था। बचाव दल ने सबसे पहले दोनों ट्रेलरों को अलग किया, इसके बाद हाइड्रोलिक मशीन की सहायता से क्षतिग्रस्त केबिन को काटकर चालक के शव को बाहर निकाला गया। इस पूरी प्रक्रिया में कई घंटे का समय लगा।
मृत चालक की पहचान उसकी जेब से मिले दस्तावेजों के आधार पर की गई। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र स्थित उमरऋषि गांव निवासी 48 वर्षीय भरत खरपातु यादव के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद वे बक्सर के लिए रवाना हो गए। पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपने की तैयारी की गई।
हादसे के बाद कुछ समय तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलरों के कारण सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। पुलिस ने मौके पर यातायात को नियंत्रित करते हुए वाहनों को वैकल्पिक लेन से गुजरने की व्यवस्था की। दोनों वाहनों को हटाने के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।
औद्योगिक थाना पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में पीछे से तेज रफ्तार ट्रेलर द्वारा सड़क पर खड़े ट्रेलर में टक्कर मारने की बात सामने आई है। हालांकि यह भी जांच की जा रही है कि सड़क पर खड़ा ट्रेलर निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार खड़ा था या नहीं। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार टक्कर की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी थी। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दुर्घटना इतनी भीषण थी कि ट्रेलर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और चालक के बचने की कोई संभावना नहीं थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और दोनों वाहनों की स्थिति का भी रिकॉर्ड तैयार किया गया है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसे के समय सड़क पर प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं कैसी थीं।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर खड़े वाहनों के पीछे पर्याप्त चेतावनी संकेत और रिफ्लेक्टर लगाए जाना बेहद आवश्यक होता है, विशेषकर रात और तड़के के समय, ताकि पीछे से आने वाले वाहन चालक समय रहते सतर्क हो सकें। साथ ही लंबी दूरी तक वाहन चलाने वाले चालकों को भी निर्धारित गति सीमा का पालन करने और पर्याप्त विश्राम के बाद ही यात्रा जारी रखने की सलाह दी जाती है।
बक्सर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित गति सीमा से अधिक गति पर वाहन न चलाएं और किसी भी आपात स्थिति में सड़क पर वाहन रोकने की आवश्यकता हो तो आवश्यक सुरक्षा संकेत अवश्य लगाएं। इससे दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। दुर्घटना के तकनीकी कारणों का पता लगाने के लिए दोनों ट्रेलरों की स्थिति, घटनास्थल के साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारियों का विश्लेषण किया जा रहा है। वहीं मृत चालक के परिजन बक्सर पहुंच चुके हैं और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव उन्हें सौंप दिया जाएगा। इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।


