
पटना। बिहार की राजधानी पटना से चोरी की एक बड़ी और हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है। बेऊर थाना क्षेत्र स्थित आनंद विहार कॉलोनी में चोरों ने एक ऐसे घर को निशाना बनाया, जहां दो सगे भाई सरकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। परिवार के सभी सदस्य मां के श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पैतृक गांव गए हुए थे और इसी दौरान शातिर चोरों ने सुनसान मकान में घुसकर 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। चोरी गए सामान में लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, नकद राशि और अन्य कीमती वस्तुएं शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार बेऊर थाना क्षेत्र के अखाड़ा पर स्थित आनंद विहार कॉलोनी में रहता है। इस मकान में दो सगे भाई अपने-अपने परिवार के साथ रहते थे। इनमें समदर्शी पासवान भोजपुर जिले के पीरो में मार्केटिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनके छोटे भाई रवि भूषण पासवान समस्तीपुर में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के रूप में तैनात हैं। दोनों अधिकारी अपने परिवार के साथ संयुक्त रूप से इसी मकान में रहते थे। परिवार को यह बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि मां के श्राद्ध में शामिल होने के लिए गांव जाना उन्हें इतनी बड़ी आर्थिक और मानसिक क्षति दे जाएगा।
बताया जा रहा है कि परिवार की बुजुर्ग माता का हाल ही में निधन हो गया था। श्राद्ध कर्म और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने के लिए परिवार के सभी सदस्य 26 मई की शाम को पालीगंज अनुमंडल के महाबलीपुर क्षेत्र के समीप स्थित अपने पैतृक गांव अकोढ़ी चले गए थे। मकान पूरी तरह खाली था और संभवतः इसी बात की जानकारी अपराधियों को पहले से थी। आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने पहले से मकान की रेकी की थी और परिवार के बाहर जाने का इंतजार कर रहे थे।
घटना का खुलासा तब हुआ जब परिवार का एक सदस्य किसी जरूरी काम से 28 मई की सुबह पटना पहुंचा। जैसे ही वह आनंद विहार कॉलोनी स्थित मकान के पास पहुंचा, उसे मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ दिखाई दिया। यह देखकर उसके होश उड़ गए। जब वह घर के अंदर गया तो सभी कमरों का सामान बिखरा पड़ा था। अलमारियां खुली हुई थीं, लॉकर टूटे हुए थे और घर का लगभग हर हिस्सा अस्त-व्यस्त नजर आ रहा था। इसके बाद तत्काल परिवार के अन्य सदस्यों और पुलिस को सूचना दी गई।
परिजनों के अनुसार चोरी की सबसे बड़ी क्षति उन आभूषणों की हुई है जो परिवार में होने वाली एक शादी के लिए तैयार किए गए थे। बताया गया कि समदर्शी पासवान अपनी बेटी की शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे और इसी उद्देश्य से हाल के महीनों में लाखों रुपये के नए गहने बनवाए गए थे। चोर उन सभी आभूषणों को अपने साथ ले गए। इसके अलावा परिवार की महिलाओं के वर्षों पुराने गहने, पुश्तैनी आभूषण और दिवंगत माता के बहुमूल्य जेवर भी चोरी हो गए।
परिवार ने बताया कि चोरी गए आभूषणों में सोने की चेन, हार, मंगलसूत्र, अंगूठियां, जितिया, चांदी की पायल और कई अन्य कीमती वस्तुएं शामिल हैं। परिवार का दावा है कि केवल आभूषणों की कीमत ही लगभग 40 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा करीब दो लाख रुपये नकद भी घर में रखे हुए थे, जिन्हें चोर अपने साथ ले गए। कुल मिलाकर चोरी गई संपत्ति का मूल्य 50 लाख रुपये से अधिक बताया जा रहा है।
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि अपराधियों ने पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोर घर के पीछे की ओर से दाखिल हुए। उन्होंने मजबूत लोहे की ग्रिल को कटर मशीन की मदद से काटा और फिर घर के भीतर प्रवेश किया। इसके बाद कमरों में रखी अलमारियों, गोदरेज और सेफ के ताले भी काट दिए गए। जिस तरीके से चोरी की गई, उससे पुलिस को आशंका है कि इसमें पेशेवर अपराधियों का हाथ हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी चोरी को अंजाम देने में काफी समय लगा होगा। इसके बावजूद किसी को भनक नहीं लगना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। कॉलोनी के कई निवासियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में रात्रि गश्त पर्याप्त नहीं होती। लोगों का कहना है कि पुलिस की गाड़ियां केवल मुख्य सड़क तक सीमित रहती हैं और अंदरूनी कॉलोनियों में नियमित निगरानी नहीं होने के कारण अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया गया तथा घटनास्थल से सुराग जुटाने का प्रयास किया गया। पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को घटना की जानकारी दी गई और फॉरेंसिक जांच की मांग भी की गई है। परिवार चाहता है कि वैज्ञानिक तरीके से जांच कर अपराधियों की पहचान जल्द से जल्द की जाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि संदिग्ध लोगों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। जांच टीम यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि अपराधियों को परिवार के गांव जाने की जानकारी कैसे मिली और क्या किसी स्थानीय व्यक्ति ने इसमें उनकी मदद की थी।
बेऊर थाना क्षेत्र में हुई इस बड़ी चोरी ने न केवल पीड़ित परिवार बल्कि आसपास के लोगों को भी चिंता में डाल दिया है। खासकर इसलिए क्योंकि यह घटना ऐसे परिवार के साथ हुई है जिसके सदस्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षित माने जाने वाले रिहायशी इलाके में इस तरह की वारदात हो सकती है तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होना स्वाभाविक है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और अपराधियों की पहचान के लिए विभिन्न तकनीकी और पारंपरिक तरीकों का सहारा लिया जा रहा है। परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही चोरी गए सामान की बरामदगी होगी और इस वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा। वहीं आनंद विहार कॉलोनी के निवासी भी चाहते हैं कि पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


