देवघर से लौट रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो पेड़ से टकराई, पटना फोरलेन पर दर्दनाक हादसे में मां-बेटे की मौत

पटना: बिहार की राजधानी पटना के समीप बख्तियारपुर-पटना फोरलेन पर मंगलवार तड़के हुए एक भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। देवघर में पूजा-अर्चना कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में एक महिला और उसके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।

यह दर्दनाक घटना बख्तियारपुर-पटना फोरलेन पर महाविहार होटल के समीप मंगलवार की अल सुबह हुई। बताया जा रहा है कि वाहन में सवार सभी लोग उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले थे और धार्मिक यात्रा से लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए तथा बचाव कार्य शुरू किया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना इतनी तेज रफ्तार और जोरदार थी कि आसपास के लोग टक्कर की आवाज सुनकर अपने घरों से बाहर निकल आए। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि बोलेरो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और उसमें सवार लोग घायल अवस्था में फंसे हुए थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के एक परिवार के सदस्य धार्मिक यात्रा पर देवघर गए थे। बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना और दर्शन करने के बाद सभी लोग बोलेरो वाहन से अपने घर वापस लौट रहे थे। सोमवार शाम यात्रा शुरू हुई थी और रातभर सफर जारी रहा। मंगलवार तड़के जब वाहन पटना के बख्तियारपुर क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी यह हादसा हो गया।

हादसे में जिन दो लोगों की मौत हुई है, उनकी पहचान कुलवती देवी और उनके बेटे उपेंद्र सिंह के रूप में हुई है। दोनों की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वहीं वाहन में सवार अन्य लोग गंभीर और सामान्य रूप से घायल हुए हैं। घायलों में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की संख्या भी शामिल बताई जा रही है।

घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना आसान नहीं था। वाहन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि उसमें फंसे लोगों को बाहर निकालने में काफी समय और मेहनत लगी। स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर शीशे और वाहन के क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटाया, जिसके बाद घायलों को बाहर निकाला जा सका।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि चालक को झपकी आने या अत्यधिक थकान के कारण वाहन का नियंत्रण खो गया। हादसे के समय अधिकांश यात्री नींद में थे और अचानक हुई टक्कर के कारण उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। वाहन सीधे सड़क किनारे स्थित एक पेड़ से जा भिड़ा, जिससे भारी नुकसान हुआ।

अस्पताल में भर्ती घायलों और परिजनों ने बताया कि यात्रा के दौरान कई बार चालक को आराम करने की सलाह दी गई थी। यात्रियों को लग रहा था कि लगातार वाहन चलाने के कारण चालक थक चुका है। हालांकि समय बचाने और जल्दी घर पहुंचने की जल्दबाजी में वाहन नहीं रोका गया। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने रास्ते में रुककर आराम करने का सुझाव भी दिया था, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी की यात्राओं में चालक की थकान सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बनती जा रही है। लगातार कई घंटों तक वाहन चलाने से एकाग्रता कम हो जाती है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि परिवहन विभाग समय-समय पर वाहन चालकों को निर्धारित अंतराल पर विश्राम करने की सलाह देता है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क से हटाने के बाद यातायात सामान्य किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

घायलों को पहले स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों को सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कई लोगों को अंदरूनी चोटें भी लगी हैं।

हादसे की खबर जैसे ही उत्तर प्रदेश स्थित मृतकों और घायलों के गांव पहुंची, वहां शोक का माहौल फैल गया। परिजन और रिश्तेदार घटना की सूचना मिलते ही बिहार के लिए रवाना हो गए। गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग इस हादसे को लेकर गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं।

धार्मिक यात्रा से लौटते समय हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की यात्राओं में पर्याप्त आराम, वाहन की तकनीकी जांच और सुरक्षित गति का पालन करना बेहद जरूरी है। कई बार जल्दी पहुंचने की जल्दबाजी लोगों के लिए जानलेवा साबित हो जाती है।

स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों को हर संभव चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लंबी यात्रा के दौरान चालक की शारीरिक स्थिति पर विशेष ध्यान दें और थकान महसूस होने पर वाहन रोककर विश्राम अवश्य करें।

फिलहाल हादसे की जांच जारी है। पुलिस दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। लेकिन इस दर्दनाक घटना ने एक परिवार से मां और बेटे को छीन लिया और कई अन्य लोगों को जिंदगी भर का दर्द दे दिया। धार्मिक यात्रा से लौटते समय हुआ यह हादसा उन परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दुखद अध्याय बन गया है।

  • ये भी पढ़े..

    “लालू की पहचान पद से नहीं, जनता के विश्वास से है”— RJD ने जन्मदिन पर गिनाईं उपलब्धियां

    Share Add as a preferred…

    बिहार में गरीबों को बड़ी सौगात! BPL परिवारों के घर लगेंगे मुफ्त सोलर पैनल, हर महीने मिलेगी 125 यूनिट बिजली

    Share Add as a preferred…