मधेपुरा में फिर लगेगा पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर, 3 दिनों में 165 आवेदनों के प्रसंस्करण की तैयारी

बिहार के मधेपुरा जिले के लोगों के लिए एक बार फिर बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। विदेश मंत्रालय की नागरिक-केंद्रित पहल “पासपोर्ट सेवा – आपके द्वार” के तहत क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) पटना द्वारा 24 से 26 मई 2026 तक मधेपुरा समाहरणालय परिसर में तीन दिवसीय पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर के जरिए जिले और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को उनके घर के नजदीक पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उन्हें लंबी दूरी तय कर दूसरे जिलों में जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।

विदेश मंत्रालय की यह पहल खास तौर पर उन जिलों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है, जहां अभी तक स्थायी पासपोर्ट कार्यालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मधेपुरा भी ऐसे ही जिलों में शामिल है। वर्तमान संसदीय क्षेत्र आधारित व्यवस्था के तहत यह जिला पहले से संचालित एक पासपोर्ट सेवा केंद्र के लोकसभा क्षेत्राधिकार में आता है, लेकिन जिले में कोई अलग समर्पित पासपोर्ट कार्यालय मौजूद नहीं है। ऐसे में मोबाइल वैन शिविर नागरिकों के लिए एक प्रभावी विकल्प बनकर उभरा है।

इस तीन दिवसीय शिविर का संयुक्त उद्घाटन 24 मई 2026 को मधेपुरा के जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन और क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी स्वधा रिज़वी द्वारा किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार शिविर का उद्देश्य आम लोगों को सरल, सुगम और व्यवस्थित तरीके से पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत आवेदन प्रक्रिया से लेकर दस्तावेज सत्यापन तक की सुविधाएं स्थल पर ही दी जाएंगी।

गौरतलब है कि इससे पहले भी मधेपुरा में 28 से 30 जनवरी 2026 के दौरान पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर का आयोजन किया गया था। उस शिविर को नागरिकों से काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। तीन दिनों तक चले उस आयोजन में कुल 165 पासपोर्ट आवेदनों का सफलतापूर्वक प्रसंस्करण किया गया था। लोगों की बढ़ती मांग और बेहतर प्रतिक्रिया को देखते हुए विदेश मंत्रालय और आरपीओ पटना ने दोबारा शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है।

यह पहली बार होगा जब बिहार के किसी एक ही जिले में दो बार पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसे प्रशासन की जनसेवा के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता और डिजिटल व नागरिक सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि विदेश मंत्रालय ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक पासपोर्ट सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने को लेकर गंभीर है।

अधिकारियों के मुताबिक इस बार आयोजित होने वाले शिविर में भी कुल 165 पासपोर्ट आवेदनों के प्रसंस्करण की व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन 55 आवेदनों को प्रोसेस किया जाएगा। आवेदनकर्ताओं को अपने निवास के नजदीक ही पासपोर्ट संबंधी सभी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। शिविर के दौरान बायोमेट्रिक प्रक्रिया, दस्तावेज जांच और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं मौके पर ही पूरी की जाएंगी।

पासपोर्ट बनवाने के इच्छुक नागरिकों को पहले ऑनलाइन स्लॉट बुक करना होगा। इसके लिए उन्हें पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर जाकर “पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर, मधेपुरा” स्थान का चयन करना होगा। स्लॉट सीमित होने के कारण प्रशासन ने लोगों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2024 से अब तक आरपीओ पटना द्वारा आयोजित किया जाने वाला यह 18वां पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर होगा। बिहार के विभिन्न जिलों और संस्थानों में लगाए गए इन शिविरों के माध्यम से अब तक 2300 से अधिक पासपोर्ट आवेदनों का सफलतापूर्वक प्रसंस्करण किया जा चुका है। यह आंकड़ा बताता है कि राज्य में मोबाइल पासपोर्ट सेवा मॉडल को लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है।

राज्य में पासपोर्ट सेवा अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में भी लगातार काम किया जा रहा है। संसदीय क्षेत्र आधारित व्यवस्था के तहत अब बिहार के सभी 40 लोकसभा क्षेत्रों में पासपोर्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना के अधीन 38 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र और 2 पासपोर्ट सेवा केंद्र संचालित हैं। हाल ही में पश्चिम चंपारण के रामनगर डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र का उद्घाटन भी किया गया है, जिसे इस दिशा में नई उपलब्धि माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल पासपोर्ट वैन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों के लोगों को काफी लाभ मिल रहा है। पहले जहां पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को पटना या अन्य बड़े शहरों तक जाना पड़ता था, वहीं अब यह सुविधा उनके जिले तक पहुंच रही है। इससे खासकर छात्रों, नौकरीपेशा युवाओं, विदेश में रोजगार की तलाश कर रहे लोगों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है।

मधेपुरा सहित कोसी और सीमांचल क्षेत्र के कई लोग शिक्षा, रोजगार और चिकित्सा के उद्देश्य से विदेश जाने की तैयारी करते हैं। ऐसे में पासपोर्ट सेवाओं की स्थानीय उपलब्धता क्षेत्र के विकास और लोगों की सुविधा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार भी शिविर को नागरिकों से अच्छा प्रतिसाद मिलेगा और बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ उठाएंगे।

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