
पटना/कोलकाता, 19 जुलाई 2025: पटना के बहुचर्चित पारस अस्पताल गोलीकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। बिहार पुलिस और STF की संयुक्त कार्रवाई में इस हत्याकांड से जुड़े तीन शूटरों को कोलकाता के न्यू टाउन इलाके से गिरफ्तार किया गया है। ये सभी आरोपी शेरू गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं।
बंगाल की जेल में रची गई थी साजिश
ADG STF कुंदन कृष्णन ने पुष्टि की है कि गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या की साजिश पश्चिम बंगाल की पुरुलिया जेल में रची गई थी। यहां पर बंद शेरू सिंह उर्फ ओमकार सिंह ने चंदन की हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी दी थी।
जांच में यह सामने आया है कि पटना के बेउर जेल में बंदी रहने के दौरान शेरू और तौसीफ के बीच जान-पहचान हुई थी। रिहाई के बाद शेरू ने दोबारा तौसीफ से संपर्क साधा और हत्या की पूरी योजना को अंजाम देने की जिम्मेदारी उसे सौंपी।
पटना में रेकी और स्थानीय मददगार
हत्या से पहले तौसीफ और उसके साथी पटना के समनपुरा इलाके में पहुंचे और पारस अस्पताल के पीछे स्थित एक अपार्टमेंट में ठहरे। वहीं से अस्पताल की रेकी की गई।
पुलिस जांच में इलाके के एक स्थानीय बदमाश द्वारा अपार्टमेंट उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
पारस अस्पताल के स्टाफ से पुराने संपर्क
जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य शूटर तौसीफ का अस्पताल के कुछ कर्मचारियों से पहले से संपर्क था। कुछ महीने पहले जब उसका एक दोस्त अस्पताल में भर्ती था, तभी से वह वहां आता-जाता था।
पुलिस ने पारस अस्पताल प्रशासन से सिक्योरिटी गार्ड्स की सूची मांगी है और कई कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा चुकी है।
गांव तक पहुंची थी शूटरों की टीम
सीसीटीवी फुटेज से पांच शूटरों की पहचान हुई है, जिनमें से दो चंदन मिश्रा के गांव सोनवर्षा भी कुछ दिन पहले गए थे।
समनपुरा से पुलिस ने जिशान समेत पांच युवकों को हिरासत में लिया है। मामले में और भी गिरफ्तारियों की उम्मीद है।
18 जुलाई को लौटना था जेल, 17 को मारा गया
गैंगस्टर चंदन मिश्रा 3 जुलाई को पेरोल पर जेल से बाहर आया था और 18 जुलाई को उसे दोबारा जेल लौटना था। लेकिन ठीक एक दिन पहले 17 जुलाई को पारस अस्पताल परिसर में उसकी दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई।
शेरू से पूछताछ को जाएगी टीम
इस हत्या की कड़ी से कड़ी जोड़ने के लिए पुलिस अब पुरुलिया जेल में बंद शेरू से पूछताछ की तैयारी में है। जल्द ही एक विशेष टीम को वहां रवाना किया जाएगा।
विस्तारित जांच और छापेमारी
ADG कुंदन कृष्णन के मुताबिक, आरा, बक्सर, गया और झारखंड के कई हिस्सों में छापेमारी जारी है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किए जाने की उम्मीद है।
यह हत्याकांड एक बार फिर बिहार में संगठित अपराध की गहराई और जेलों से संचालित हो रहे आपराधिक गठजोड़ की ओर इशारा करता है। हालांकि STF और पुलिस की सक्रियता से मामले में तेज़ प्रगति हुई है, लेकिन सवाल अब राज्य की जेल व्यवस्था, पुलिस इंटेलिजेंस और अस्पतालों की सुरक्षा पर भी खड़े हो रहे हैं।


