
आज सोमवार, 13 अक्टूबर 2025 को कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 12:24 बजे तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज का दिन विशेष धार्मिक महत्व रखता है क्योंकि अहोई अष्टमी व्रत का पर्व भी आज ही मनाया जा रहा है। इस दिन माताएं अपने संतानों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए उपवास रखती हैं।
आज का पंचांग न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी दिन में कई शुभ संयोग बन रहे हैं। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग—
आज का विस्तृत पंचांग (13 अक्टूबर 2025, सोमवार)
तिथि: कृष्ण पक्ष सप्तमी (दोपहर 12:24 बजे तक), इसके बाद अष्टमी
नक्षत्र: आर्द्रा (दोपहर 12:26 बजे तक), उसके बाद पुनर्वसु
योग: परिघ (सुबह 8:10 बजे तक), इसके बाद शिव योग प्रारंभ
करण: बव (दोपहर 12:24 बजे तक), इसके बाद बालव करण
वार: सोमवार
सूर्योदय: सुबह 6:02 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:33 बजे
चंद्रमा: मिथुन राशि में प्रवेश
राहुकाल: सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक — इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से बचें
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:44 से 12:29 बजे तक — यह दिन का सबसे शुभ समय माना गया है
आज के विशेष योग
आज सुबह शिव योग बन रहा है, जो हर तरह के शुभ कार्य, यात्रा, पूजा या व्यापारिक सौदे के लिए उत्तम माना गया है। आर्द्रा नक्षत्र के बाद पुनर्वसु नक्षत्र का प्रवेश होगा, जो मन की शांति और संतुलन का प्रतीक है।
अहोई अष्टमी का शुभ मुहूर्त
- व्रत पूजा का समय: शाम 5:55 से 7:10 बजे तक
- तारा दर्शन का समय: शाम 7:20 बजे के बाद
- चंद्रोदय: रात 10:03 बजे
आज का यह पर्व संतान सुख और परिवार की समृद्धि से जुड़ा हुआ है। जो महिलाएं अहोई माता का व्रत रखती हैं, उन्हें आज शाम के समय विधिवत पूजा करनी चाहिए।
आज का दिन श्रद्धा और भक्ति से भरा हुआ है। अहोई माता की पूजा कर संतान की कुशलता और परिवार के सुख-शांति की प्रार्थना करें। सोमवार होने के कारण भगवान शिव की आराधना भी शुभ फलदायी मानी गई है।


