पालीगंज की ठाकुरबाड़ी से चोरी हुई अष्टधातु की सीता माता की मूर्ति बरामद, लक्ष्मण की प्रतिमा की तलाश में जुटी पुलिस

पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल से एक राहत भरी लेकिन अधूरी खबर सामने आई है। अंकुरी गांव स्थित प्राचीन ठाकुरबाड़ी से पिछले महीने चोरी हुई अष्टधातु की मूर्तियों में से माता सीता की प्रतिमा बरामद कर ली गई है। हालांकि लक्ष्मण की दूसरी प्रतिमा अब भी गायब है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है। पुलिस ने बरामद मूर्ति को अपने कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी है और चोरी में शामिल लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

यह मामला पिछले कई सप्ताह से इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ था। गांव के लोग लगातार चोरी हुई मूर्तियों की बरामदगी की मांग कर रहे थे। शनिवार शाम अचानक गांव के पइन में एक प्रतिमा मिलने की खबर फैली तो पूरे इलाके में हलचल मच गई। बाद में पुष्टि हुई कि यह वही माता सीता की अष्टधातु की मूर्ति है, जो अप्रैल महीने में ठाकुरबाड़ी से चोरी हुई थी।

पइन में पड़ी मिली मूर्ति, गांव में मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार शनिवार शाम कुछ ग्रामीण गांव के बाहर स्थित पइन की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर घास और पानी के बीच पड़ी एक प्रतिमा पर पड़ी। शुरुआत में लोगों को लगा कि कोई सामान्य मूर्ति होगी, लेकिन पास जाकर देखने पर सभी हैरान रह गए।

ग्रामीणों ने तुरंत पहचान लिया कि यह ठाकुरबाड़ी से चोरी हुई माता सीता की प्रतिमा है। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। गांव में खबर फैलते ही माहौल भावुक हो गया। कई ग्रामीणों ने इसे आस्था से जुड़ा मामला बताते हुए जल्द दूसरी प्रतिमा बरामद करने की मांग की।

इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत पालीगंज थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रतिमा को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

11 अप्रैल को हुई थी चोरी की घटना

गौरतलब है कि अंकुरी गांव की प्राचीन ठाकुरबाड़ी से 11 अप्रैल 2026 की रात अष्टधातु की दो महत्वपूर्ण प्रतिमाएं चोरी हो गई थीं। इनमें माता सीता और लक्ष्मण की मूर्तियां शामिल थीं।

सुबह जब मंदिर के पुजारी और ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे तो प्रतिमाएं गायब देखकर हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में आक्रोश फैल गया था। ग्रामीणों ने इसे सिर्फ चोरी नहीं बल्कि धार्मिक आस्था पर हमला बताया था।

घटना के बाद मंदिर परिसर में लोगों की भारी भीड़ जुटी थी। कई ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की थी, लेकिन लंबे समय तक कोई सफलता नहीं मिली थी।

ग्रामीणों में अब भी नाराजगी

हालांकि माता सीता की प्रतिमा बरामद होने के बाद गांव में कुछ राहत जरूर देखी जा रही है, लेकिन लक्ष्मण की मूर्ति अब भी लापता होने से लोगों में नाराजगी बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि दोनों प्रतिमाएं वर्षों पुरानी थीं और गांव की धार्मिक पहचान से जुड़ी हुई थीं। लोग हर पर्व और विशेष पूजा में इन मूर्तियों की आराधना करते थे। ऐसे में मूर्तियों की चोरी ने पूरे गांव को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया है।

कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मंदिरों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। उनका कहना है कि ग्रामीण इलाकों के प्राचीन मंदिरों में सुरक्षा इंतजाम बेहद कमजोर हैं, जिसका फायदा चोर उठा रहे हैं।

पुलिस ने तेज की जांच

पालीगंज थाना प्रभारी सुमन कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर माता सीता की प्रतिमा बरामद कर ली है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच लगातार जारी है और दूसरी प्रतिमा की तलाश की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मूर्ति पइन तक कैसे पहुंची। आशंका जताई जा रही है कि दबाव बढ़ने के बाद चोरों ने एक प्रतिमा वहां फेंक दी हो।

जांच टीम आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। साथ ही पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जल्द ही चोरी में शामिल लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है।

अष्टधातु की मूर्तियों का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व

धार्मिक जानकारों के अनुसार अष्टधातु की प्रतिमाएं केवल पूजा का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि उनका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी होता है। ऐसी प्रतिमाएं विशेष धातुओं के मिश्रण से बनाई जाती हैं और कई बार उनकी उम्र सैकड़ों साल पुरानी होती है।

ग्रामीणों का कहना है कि ठाकुरबाड़ी की ये प्रतिमाएं लंबे समय से गांव की आस्था का केंद्र थीं। रामनवमी, विवाह पंचमी और अन्य धार्मिक आयोजनों में इन मूर्तियों की विशेष पूजा की जाती थी।

इसी वजह से चोरी की घटना के बाद लोगों में गहरी नाराजगी और दुख देखने को मिला था।

मंदिरों में बढ़ रही चोरी की घटनाएं

पालीगंज की यह घटना एक बार फिर मंदिरों में बढ़ती चोरी की घटनाओं को लेकर सवाल खड़े कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में बिहार के अलग-अलग जिलों से मंदिरों से प्रतिमा चोरी होने के कई मामले सामने आए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्राचीन अष्टधातु की मूर्तियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी कीमत होती है। इसी वजह से संगठित गिरोह ग्रामीण मंदिरों को निशाना बना रहे हैं।

धार्मिक संगठनों का कहना है कि छोटे गांवों के मंदिरों में सीसीटीवी, सुरक्षा गार्ड और मजबूत ताले जैसी व्यवस्थाएं बेहद जरूरी हो गई हैं।

गांव में फिर लौटेगी धार्मिक गतिविधियां

माता सीता की प्रतिमा बरामद होने के बाद गांव के लोगों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही मंदिर में फिर से धार्मिक गतिविधियां सामान्य होंगी। हालांकि लोग तब तक पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं, जब तक दूसरी प्रतिमा भी बरामद नहीं हो जाती।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चोरी में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और मंदिर की सुरक्षा के लिए स्थायी इंतजाम किए जाएं।

फिलहाल बरामद प्रतिमा पुलिस की निगरानी में है। दूसरी ओर लक्ष्मण की मूर्ति की तलाश और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। आने वाले दिनों में जांच से इस पूरे मामले के पीछे की सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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