
झारखंड के पलामू जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। शादी के महज 13 दिन बाद एक नवविवाहिता का शव उसके ससुराल में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है, जबकि मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि विवाह के कुछ ही दिनों बाद दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा था और इसी प्रताड़ना के कारण उसकी मौत हुई है।
मामला नावाबाजार थाना क्षेत्र के तुकबेरा गांव का है, जहां शनिवार को एक घर के अंदर नवविवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
बताया जा रहा है कि मृतका खुशबू कुमारी की शादी 24 मई 2026 को तुकबेरा गांव निवासी श्रवण कुमार के साथ हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति से यह विवाह संपन्न हुआ था और शादी समारोह भी धूमधाम से आयोजित किया गया था। परिजनों के अनुसार विवाह के समय दोनों परिवार बेहद खुश थे और किसी प्रकार के विवाद की स्थिति नहीं थी।
शादी के बाद खुशबू अपने नए जीवन की शुरुआत को लेकर उत्साहित थी। परिवार के लोग भी उसकी नई जिंदगी को लेकर कई सपने संजोए हुए थे। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि विवाह के कुछ ही दिनों बाद ऐसी दुखद घटना सामने आएगी।
13 दिन बाद मिली मौत की खबर
विवाह के मात्र 13 दिन बाद खुशबू की मौत की खबर उसके मायके पहुंची। सूचना मिलते ही परिजन स्तब्ध रह गए और तुरंत ससुराल पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि खुशबू का शव घर के भीतर फंदे से लटका मिला था।
घटना के बाद पूरे गांव में चर्चा शुरू हो गई और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। पुलिस ने तत्काल घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
भाई ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के भाई रविंद्र कुमार ने पुलिस को दिए गए बयान में ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शादी के समय किसी प्रकार का तिलक या दहेज नहीं लिया गया था और विवाह पूरी सहमति के साथ हुआ था।
लेकिन विवाह के कुछ दिनों बाद ही ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया। आरोप है कि पति और उसके परिवार के सदस्य बाइक की मांग करने लगे। जब यह मांग पूरी नहीं हुई तो खुशबू को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाने लगा।
परिजनों का आरोप है कि लगातार प्रताड़ना के कारण स्थिति गंभीर होती गई और अंततः उनकी बेटी की मौत हो गई। परिवार का दावा है कि यह सामान्य घटना नहीं है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए।
हत्या कर आत्महत्या का रूप देने का आरोप
मायके पक्ष का आरोप है कि खुशबू की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। उनका कहना है कि मामले को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की गई है।
परिजनों का दावा है कि उनकी बेटी की हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया गया ताकि घटना को आत्महत्या जैसा दिखाया जा सके। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
मेडिकल बोर्ड से कराया गया पोस्टमार्टम
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने विशेष सावधानी बरती है। शव को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एमएमसीएच) भेजा गया, जहां डॉक्टरों के एक मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया।
मेडिकल बोर्ड के गठन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और वैज्ञानिक आधार पर हो। पुलिस का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा हो सकता है।
पुलिस कर रही हर पहलू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही नावाबाजार थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही ससुराल पक्ष से भी पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को भी जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और परिस्थितियों का विश्लेषण करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दहेज प्रताड़ना के मामलों पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज में दहेज से जुड़े विवादों और महिलाओं के खिलाफ होने वाली प्रताड़ना पर सवाल खड़े कर रही है। हालांकि इस मामले में अभी जांच जारी है, लेकिन परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि विवाह के बाद महिलाओं के साथ होने वाली प्रताड़ना के मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित जांच की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है।
परिवार ने मांगा न्याय
खुशबू के परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
परिवार का कहना है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद हुई इस घटना ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है। वे चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिले।
रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद मामले की दिशा और अधिक स्पष्ट होगी।
उधर पूरे इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा जारी है। शादी के महज 13 दिन बाद नवविवाहिता की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई सामने आ सके।


