12 घंटे में दो लाख रुपये ऋण का वादा, सैकड़ों महिलाओं से लाखों की ठगी कर फर्जी फाइनेंस कंपनी फरार

भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल से एक बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है, जहां एक कथित फाइनेंस कंपनी ने कम समय में भारी ऋण दिलाने का लालच देकर सैकड़ों महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी कर ली। महिलाओं को 10 हजार रुपये जमा करने पर महज 12 घंटे के भीतर दो लाख रुपये का व्यवसायिक ऋण उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। कंपनी के झांसे में आकर कई महिलाओं ने अपनी जमा-पूंजी, उधार लिए गए पैसे और ब्याज पर उठाई गई रकम तक निवेश कर दी। लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद न तो किसी महिला के खाते में ऋण की राशि पहुंची और न ही कंपनी के प्रतिनिधियों का कोई पता चल सका।

मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। बड़ी संख्या में पीड़ित महिलाएं नवगछिया साइबर थाना पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

एनएच-31 किनारे खोला गया था कार्यालय

जानकारी के अनुसार, आईबीएल फाइनेंशियल लिमिटेड नामक एक कंपनी ने नवगछिया में एनएच-31 के समीप एक शाखा कार्यालय स्थापित किया था। कार्यालय एक अर्द्धनिर्मित भवन में संचालित किया जा रहा था। शुरुआत में कंपनी के प्रतिनिधियों ने स्थानीय लोगों के बीच अपनी विश्वसनीयता बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में लगातार संपर्क अभियान चलाया।

कंपनी के कर्मचारी गांव-गांव जाकर महिलाओं को व्यवसायिक ऋण योजना की जानकारी देते थे। उन्हें बताया जाता था कि कंपनी का उद्देश्य छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना को महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार से जोड़कर प्रचारित किया गया, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं आकर्षित हुईं।

10 हजार जमा करो, 2 लाख का ऋण पाओ

कंपनी द्वारा महिलाओं को जो प्रस्ताव दिया गया, वह सुनने में बेहद आकर्षक था। महिलाओं से कहा गया कि यदि वे 10 हजार रुपये जमा करती हैं तो उन्हें केवल 12 घंटे के भीतर दो लाख रुपये का व्यवसायिक ऋण उपलब्ध करा दिया जाएगा। कई महिलाओं को यह भी बताया गया कि यह एक विशेष योजना है, जिसकी अवधि सीमित है और जल्द आवेदन करने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रतिनिधियों ने विभिन्न गांवों में बैठकें आयोजित कर लोगों को योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान महिलाओं को यह विश्वास दिलाया गया कि कंपनी कानूनी रूप से पंजीकृत है और कई जिलों में सफलतापूर्वक कार्य कर रही है। इसी भरोसे के आधार पर महिलाओं ने नकद और ऑनलाइन माध्यम से राशि जमा करानी शुरू कर दी।

सैकड़ों महिलाएं बनीं शिकार

स्थानीय लोगों के अनुसार, नवगछिया के अलावा इस्माइलपुर, नारायणपुर, बिहपुर और पसराहा थाना क्षेत्र के कई गांवों में कंपनी के एजेंट सक्रिय थे। वे लगातार महिलाओं से संपर्क कर उन्हें योजना में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि करीब 200 से अधिक महिलाओं ने कंपनी में 10-10 हजार रुपये जमा किए। यदि अनुमानित आंकड़ों को देखा जाए तो ठगी की कुल राशि लाखों रुपये तक पहुंच सकती है। कई महिलाओं ने ऋण मिलने की उम्मीद में रिश्तेदारों से पैसे उधार लिए, जबकि कुछ ने साहूकारों से ब्याज पर रकम उठाकर कंपनी को जमा कर दी।

पूरी रात खाते चेक करती रहीं महिलाएं

पीड़ित महिलाओं के अनुसार, उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि रात 12 बजे तक या अधिकतम 12 घंटे के भीतर उनके बैंक खाते में ऋण की राशि भेज दी जाएगी। इसी उम्मीद में महिलाएं लगातार अपने मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच करती रहीं।

कुछ महिलाओं ने बैंक मित्र केंद्रों और सीएसपी संचालकों से भी संपर्क किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं तकनीकी कारणों से राशि दिख नहीं रही हो। लेकिन समय बीतने के बावजूद किसी भी खाते में पैसा नहीं आया।

जब अगले दिन महिलाएं कंपनी के कार्यालय पहुंचीं तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। कार्यालय पर ताला लटका हुआ था और आसपास कंपनी का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।

कार्यालय बंद, कर्मचारी लापता

कार्यालय बंद मिलने के बाद महिलाओं ने भवन मालिक से संपर्क किया। मकान मालिक ने बताया कि कार्यालय संचालित करने वाले लोग अचानक ताला लगाकर चले गए हैं। इसके बाद महिलाओं को आशंका हुई कि वे किसी बड़े धोखाधड़ी गिरोह का शिकार हो चुकी हैं।

स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने की कोशिश की गई, लेकिन कंपनी के कर्मचारियों या संचालकों का कोई सुराग नहीं मिला। बताया जाता है कि कार्यालय किराये पर लेने के दौरान कुछ दस्तावेज जमा कराए गए थे, लेकिन उनकी वास्तविकता की भी जांच की जा रही है।

साइबर थाना पहुंचीं दर्जनों महिलाएं

घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में महिलाएं नवगछिया साइबर थाना पहुंच गईं। वहां कई महिलाएं रोती-बिलखती नजर आईं। कुछ महिलाओं ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से इस योजना में पैसे लगाए थे।

साइबर थाना में पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने सुनियोजित तरीके से गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं को निशाना बनाया। उन्हें ऐसे सपने दिखाए गए जिनकी वजह से वे अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठीं।

व्यवसाय शुरू करने का सपना टूटा

इस्माइलपुर प्रखंड के वेदी राय टोला की निवासी सोनी देवी ने बताया कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि ऋण मिलने के बाद वे छोटा व्यवसाय शुरू कर सकेंगी। इसी उम्मीद में उन्होंने अपनी बचत और उधार के पैसे कंपनी को दे दिए।

ऐसी ही कई अन्य महिलाओं ने भी अपनी आपबीती सुनाई। किसी ने बेटी की शादी के लिए बचाए पैसे लगाए, तो किसी ने घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ऋण की उम्मीद में निवेश किया। अब सभी महिलाएं अपनी रकम वापस मिलने की मांग कर रही हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने शिकायतें लेना शुरू कर दिया है। पीड़ित महिलाओं से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी, बैंक खातों का विवरण और भुगतान से जुड़े दस्तावेज मांगे जा रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि तीन से चार युवकों ने कंपनी के नाम पर विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाकर लोगों का विश्वास जीता और फिर कथित रूप से ठगी की वारदात को अंजाम दिया। अब बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, डिजिटल भुगतान विवरण और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

लोगों में आक्रोश, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कंपनी की गतिविधियों की जांच होती तो इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं ठगी का शिकार नहीं होतीं। लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

विशेषज्ञों का भी कहना है कि अत्यधिक लाभ या कम समय में बड़ी राशि मिलने के दावे अक्सर धोखाधड़ी का हिस्सा होते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी संस्था में पैसा जमा करने से पहले उसकी वैधता, पंजीकरण और वित्तीय अनुमति की जांच करना बेहद जरूरी है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पीड़ित महिलाओं को भरोसा दिलाया गया है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सैकड़ों महिलाएं अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रही हैं।

  • ये भी पढ़े..

    बिहार को जल्द मिलेगी नई रफ्तार: जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरा होगा कच्ची दरगाह–बिदुपुर सिक्स लेन गंगा पुल, गांधी सेतु का घटेगा दबाव

    Share Add as a preferred…

    नाथनगर विधानसभा क्षेत्र में राजद की समीक्षा बैठक, आगामी आंदोलनों की रणनीति पर हुआ मंथन

    Share Add as a preferred…