पटना, 10 जून 2025 — पटना जिले के चार अंचल अधिकारियों की लापरवाही पर डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने सख्त रुख अपनाते हुए उनका वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। फुलवारीशरीफ, दीदारगंज, बिहटा और सम्पतचक अंचलों में दाखिल-खारिज से जुड़े सैकड़ों मामले 75 दिनों से अधिक समय से लंबित पाए गए हैं।
डीएम ने चेताया, स्पष्टीकरण नहीं देने पर होगी विभागीय कार्रवाई
राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में डीएम ने चारों सीओ को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
1,176 मामले 75 दिन से अधिक समय से लंबित
डीएम ने बताया कि जिले में दाखिल-खारिज से जुड़े लगभग 98% मामलों का निपटारा किया जा चुका है, लेकिन अब भी 1,176 आवेदन ऐसे हैं जो 75 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। यह स्थिति चिंताजनक है और इसके लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाएगा।
4,325 आवेदन तय समयसीमा के बाहर
फिलहाल पटना जिले में कुल 4,325 आवेदन ऐसे हैं जिनका समयबद्ध निपटारा नहीं हुआ है। डीएम ने सभी डीसीएलआर को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अंचलों की सघन निगरानी करें। साथ ही भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को आदेश दिया गया है कि वे लंबित मामलों वाले हल्कों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
परिमार्जन प्लस, भूमि विवाद और अपील मामलों का जल्द निपटारा
समीक्षा बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि परिमार्जन प्लस की दोनों श्रेणियों में 120 दिन से अधिक लंबित सभी मामलों का तत्काल निपटारा किया जाए। इसके अलावा, भूमि विवाद समाधान, म्यूटेशन अपील और अभियान बसेरा से संबंधित मामलों में भी त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
लापरवाह कर्मियों पर सख्ती
डीएम ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, ताकि राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।


