पटना। बिहार विधानसभा का मानसून सत्र लगातार विपक्ष के विरोध और हंगामे की भेंट चढ़ रहा है। चौथे दिन भी सदन की कार्यवाही भारी हंगामे के चलते 4 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। महागठबंधन के विधायकों ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्य गेट पर विपक्ष का धरना जारी रहा, जिस कारण आज भी विधानसभा का वैकल्पिक गेट खोलना पड़ा।
तेजस्वी यादव का सरकार पर तीखा हमला: “नीतीश कुमार हाईजैक हो चुके हैं”
विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निशाने पर लेते हुए कहा—
“मुख्यमंत्री को कुछ लोगों ने हाईजैक कर लिया है। पहले सरकार जनता को चुनती थी, अब सरकार वोटर को चुन रही है। चुनाव आयोग का कोई चेहरा नहीं दिखता, सिर्फ प्रेस रिलीज से काम चल रहा है।”
संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा कि जब तेजस्वी सरकार में थे, तब खुद उन्होंने मुख्यमंत्री को हाईजैक करने की कोशिश की थी, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।
“तेजस्वी आगे-आगे, सरकार पीछे-पीछे”
तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा—
“प्रधानमंत्री महंगाई, बेरोजगारी, चीनी मिल, और युवाओं के मुद्दों पर एक शब्द नहीं बोले। रेल कारखाना पर बोले, लेकिन उसे बिहार में लाने का श्रेय लालू प्रसाद यादव को है।”
उन्होंने कहा कि अब से विपक्ष सिर्फ नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही योजनाओं की घोषणा करेगा ताकि सरकार की घोषणाओं में पारदर्शिता बनी रहे।
BLO पर गंभीर आरोप: “आंख मूंदकर दस्तखत कर रहे हैं”
SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए तेजस्वी ने कहा—
“BLO बिना जांच के दस्तखत कर रहे हैं, फोन करने पर नहीं आ रहे। फार्म पर जलेबी बिक रही है, चुनाव आयोग अच्छा काम कर रहा है – यह कहना अब मज़ाक बन चुका है।”
ललन सिंह के बहाने सम्राट चौधरी पर सीधा वार
तेजस्वी ने कहा कि लखीसराय में एक केंद्रीय मंत्री (संभावित संकेत ललन सिंह) विपक्ष के नेताओं को ‘जीने नहीं दे रहे’, और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें ‘चेहरा दिखाने नहीं दे रहे’। उन्होंने कहा—
“बिहार को एक ऐसा मुख्यमंत्री चाहिए जो अचेत अवस्था में नहीं हो, बल्कि हिम्मतवाला हो – जैसा चंद्रबाबू नायडू आंध्रप्रदेश में हैं।”
सदन में गरमाया माहौल, तेजस्वी और सम्राट आमने-सामने
सदन में तेजस्वी यादव और सम्राट चौधरी के बीच तीखी बहस हाथापाई तक पहुंच गई। सम्राट चौधरी के बाद जब भाजपा विधायक जनक सिंह ने जोर से बोलना शुरू किया, तो तेजस्वी ने गुस्से में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।
राजद के कई विधायक सत्ता पक्ष की ओर बढ़े तो सत्ता पक्ष के विधायक भी जवाब में आगे आए। स्थिति बिगड़ती देख मार्शलों को बीच में आना पड़ा और हाथापाई होने से रोका गया।
सदन में टकराव की राजनीति चरम पर
बिहार विधानसभा का मानसून सत्र अब तक विकास के मुद्दों से ज़्यादा टकराव और आरोप-प्रत्यारोप का मंच बनता जा रहा है। जहां विपक्ष SIR प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष उसे विपक्ष की “राजनीतिक रणनीति” बता रहा है। आने वाले दिनों में ये सत्र और भी गरमाने की संभावना है।


