“विपक्षी रणनीति सशक्त, कुमार सर्वजीत करेंगे राजद विधायकों का संचालन”

बिहार में नई सरकार के गठन के बाद 18वीं विधानसभा का सत्र कल यानी 1 दिसंबर से शुरू होगा। यह सत्र 1 से 5 दिसंबर तक चलेगा। करारी हार के बाद यह तेजस्वी यादव के लिए पहली बार मौका है जब वे सीएम नीतीश कुमार के आमने-सामने विधानसभा में मौजूद होंगे।

बीते दिन महागठबंधन की बैठक में सहमति से तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया गया है।


कुमार सर्वजीत को मिली बड़ी जिम्मेदारी

तेजस्वी यादव ने बोधगया निर्वाचन क्षेत्र 229 से निर्वाचित नव-राजद विधायक कुमार सर्वजीत को बिहार विधानसभा में मुख्य विपक्षी सचेतक नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 29 नवंबर 2025 से प्रभावी मानी जाएगी। संबंधित विभागों और अधिकारियों को इस संबंध में आदेश भी भेज दिया गया है।


मुख्य विपक्षी सचेतक कौन होता है?

मुख्य विपक्षी सचेतक वह व्यक्ति है जो विधानसभा में विपक्षी दल के अनुशासन, उपस्थिति, रणनीति और कार्यप्रणाली को संभालता है।

“विपक्षी रणनीति सशक्त, कुमार सर्वजीत करेंगे राजद विधायकों का संचालन”

मुख्य विपक्षी सचेतक की 5 प्रमुख जिम्मेदारियां

  1. विपक्ष के विधायकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना
    महत्वपूर्ण बहस, बिल, प्रस्ताव या मतदान के दौरान सभी विपक्षी विधायकों को समय पर सदन में मौजूद रखना।
  2. विधायकों को दिशा-निर्देश देना
    यह तय करना कि किस मुद्दे पर कौन बोलेगा और किस बिल के पक्ष या विपक्ष में खड़ा होना है।
  3. पार्टी लाइन का पालन कराना
    सदन में विपक्षी दल की नीतियों और तय रुख के अनुसार विधायकों का आचरण सुनिश्चित करना।
  4. सरकार के खिलाफ रणनीति बनाना
    सदन में सरकार को घेरने, सवाल उठाने और विपक्ष की एकजुटता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना।
  5. सदन और पार्टी नेतृत्व के बीच समन्वय
    विपक्ष के नेता और विधायकों के बीच संवाद बनाए रखना और आवश्यक जानकारी समय पर पहुंचाना।

 

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