उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर खान एवं भू-तत्व विभाग की समीक्षा बैठक, आठ जिलों को कारण बताओ नोटिस

पटना: उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर मंगलवार को खान एवं भू-तत्व विभाग की अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के निदेशक मनेश कुमार मीणा ने की। इसमें राज्य के सभी जिलों के खनिज विकास पदाधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति, राजस्व संग्रह की स्थिति और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।

कमजोर प्रदर्शन पर सख्त रुख

समीक्षा के दौरान कमजोर प्रदर्शन को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया। लखीसराय, जमुई, सारण, औरंगाबाद, गया, मधेपुरा और वैशाली सहित कुल आठ जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने प्रदर्शन में सुधार लाएं और राजस्व वसूली में तेजी लाने के लिए ठोस कदम उठाएं।

राजस्व लक्ष्य की समीक्षा

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। बालू, पत्थर और ईंट उद्योग से प्राप्त राजस्व, नीलामी प्रक्रिया, जुर्माना वसूली तथा कार्य विभाग से मिलने वाले राजस्व की स्थिति पर चर्चा हुई।

समीक्षा में पाया गया कि कई जिलों में लक्ष्य और वास्तविक वसूली के बीच अंतर बना हुआ है। इसे कम करने के लिए अधिकारियों को विशेष रणनीति अपनाने और निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

निदेशक मनेश कुमार मीणा ने दैनिक राजस्व वसूली की निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने, विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा लंबित बकाया राशि की शीघ्र वसूली सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह में पारदर्शिता और जवाबदेही विभाग की प्राथमिकता है। सभी जिलों को नियमित रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग तंत्र सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं।

बालू घाट और ईंट सत्र की भी समीक्षा

समीक्षा बैठक में बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया, नीलाम घाटों के संचालन, रद्द घाटों की पुनः नीलामी तथा ईंट सत्र 2025-26 के अंतर्गत संचालित भट्ठों से जुड़े भुगतान मामलों की भी समीक्षा की गई। जिन घाटों से संबंधित पर्यावरण स्वीकृति लंबित है, उनके शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए गए।

साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी घाटों का संचालन निर्धारित नियमों और पर्यावरण मानकों के अनुरूप हो।

विशेष शिविर लगाकर होगी वसूली

राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए विभाग ने विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया है। इन शिविरों के माध्यम से रॉयल्टी और जुर्माना की लंबित राशि की वसूली तेज की जाएगी। निदेशक ने स्पष्ट किया कि निर्धारित राजस्व लक्ष्य की पूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में राजस्व संग्रह की नियमित समीक्षा करने और तय समय सीमा के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विभाग ने संकेत दिया है कि भविष्य में प्रदर्शन के आधार पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी, ताकि राज्य के खनिज संसाधनों से अधिकतम राजस्व प्राप्त किया जा सके।

  • Related Posts

    एम्बुलेंस से विधानसभा पहुंचे मोकामा विधायक अनंत सिंह, कहा – नीतीश जी को देंगे वोट

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    मशरक–पानापुर बॉर्डर पर पुलिस-शराब माफिया मुठभेड़, जहरीली शराब कांड का मुख्य सप्लायर सूरज महतो गिरफ्तार

    Share Add as a preferred…

    Continue reading