रामनवमी पर मुजफ्फरपुर के बाला जी संकट मोचन हनुमान मंदिर में उमड़ी भीड़, एक लड्डू-सिंदूर चढ़ाने से दूर होते हैं संकट

मुजफ्फरपुर: देशभर में रामनवमी धूमधाम से मनाई जा रही है। इस खास मौके पर मुजफ्फरपुर के अखाड़ाघाट स्थित ऐतिहासिक बाला जी संकट मोचन हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां बजरंगबली को एक लड्डू और सिंदूर चढ़ाने से बड़े से बड़े संकट टल जाते हैं। खासकर सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए लोग यहां विशेष रूप से पूजा-अर्चना करने आते हैं।


रामनवमी पर विशेष भीड़, हर मंगलवार-शनिवार लगता है मेला

रामनवमी के अवसर पर सुबह से ही मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-शांति की कामना की।

स्थानीय लोगों के अनुसार, हर मंगलवार और शनिवार को भी यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं और लड्डू व सिंदूर चढ़ाने की परंपरा निभाते हैं।


150 साल पुराना है मंदिर का इतिहास

करीब 150 वर्ष पुराने इस मंदिर का इतिहास काफी रोचक बताया जाता है। मंदिर के महंत जनक कुमार दास के अनुसार, पहले इस इलाके में बाढ़ का प्रकोप रहता था, जिससे लोग काफी परेशान थे।

ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर की स्थापना के बाद धीरे-धीरे बाढ़ की समस्या कम हो गई। इसके बाद से लोगों की आस्था इस मंदिर के प्रति लगातार बढ़ती चली गई।


दुर्घटनाओं से बचाव की विशेष मान्यता

मंदिर के महंत का कहना है:

“यहां आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और बजरंगबली की कृपा से उनकी इच्छाएं पूरी होती हैं। विशेष रूप से सड़क दुर्घटना के भय से मुक्ति पाने के लिए लोग यहां पूजा करते हैं।”

मंदिर में लड्डू और सिंदूर चढ़ाने की परंपरा को संकट निवारण का प्रतीक माना जाता है।


1008 हनुमान चालीसा पाठ और भजन-कीर्तन

रामनवमी के मौके पर मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए हैं।
1008 हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

शाम 6 बजे से अखंड ज्योति के साथ भजन-कीर्तन का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जो देर रात तक चलता रहा। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया गया।

रामनवमी पर मुजफ्फरपुर के बाला जी संकट मोचन हनुमान मंदिर में उमड़ी भीड़, एक लड्डू-सिंदूर चढ़ाने से दूर होते हैं संकट


“यहां पूजा से पूरी होती हैं मनोकामनाएं” – श्रद्धालु

अहियापुर की रहने वाली आशा कुमारी ने बताया कि इस मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक फैली है और यहां पूजा करने से जीवन के दुख-कष्ट दूर होते हैं।

वहीं पूनम देवी ने कहा कि यहां बिहार ही नहीं, बल्कि नेपाल से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

श्रद्धालु अमन कुमार ने बताया कि उन्होंने कई ऐसे उदाहरण देखे हैं, जहां यहां पूजा करने के बाद लोगों को दुर्घटनाओं से राहत मिली है।


आस्था और विश्वास का बना केंद्र

अखाड़ाघाट स्थित यह मंदिर आज सिर्फ धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि लोगों के विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक बन चुका है। सड़क किनारे होने के बावजूद यहां आसपास दुर्घटनाएं कम होने की बात कही जाती है, जिसे लोग हनुमान जी की कृपा से जोड़ते हैं।

रामनवमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ यह दर्शाती है कि आधुनिक दौर में भी धार्मिक आस्था लोगों के जीवन में गहराई से जुड़ी हुई है।


 

  • ये भी पढ़े..

    भागलपुर में बोरे से मिली महिला की लाश, रेलवे हॉल्ट के पास सनसनी; हत्या की आशंका से दहशत

    Share Add as a preferred…

    “मैं 36% अति पिछड़ों का अंगरक्षक हूं” : सम्राट चौधरी का बड़ा दावा, अपराधियों को दी चेतावनी

    Share Add as a preferred…