
भागलपुर, 10 जुलाई 2025:सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत पहली बार बढ़ी हुई पेंशन राशि के अंतरण को लेकर बिहार सरकार द्वारा 11 जुलाई 2025 को विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। भागलपुर जिले के जिला मुख्यालय, सभी प्रखंड मुख्यालय, ग्राम पंचायत और राजस्व ग्राम स्तर पर कुल 1830 स्थानों पर यह कार्यक्रम आयोजित होगा।
जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम टाउन हॉल में
भागलपुर जिला मुख्यालय पर मुख्य कार्यक्रम टाउन हॉल में पूर्वाह्न 10:00 बजे से आयोजित किया जाएगा। इसकी अध्यक्षता श्रम संसाधन विभाग के मंत्री-सह-प्रभारी मंत्री, जिला भागलपुर द्वारा की जाएगी।
बैठक में हुई तैयारियों की समीक्षा
इस कार्यक्रम की तैयारी को लेकर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में जिला समाहरणालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, सहायक समाहर्ता जतिन कुमार, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, सहित विभिन्न संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में ये जनप्रतिनिधि होंगे आमंत्रित
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निम्नलिखित जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है:
- सांसद, भागलपुर
- सभी विधायक एवं विधान पार्षद, भागलपुर
- जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष
- महापौर एवं उपमहापौर, नगर निगम भागलपुर
- सभी वार्ड पार्षद एवं अन्य गणमान्य नागरिक
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी रहेंगे उपस्थित
कार्यक्रम में श्रम संसाधन विभाग के सचिव-सह-प्रभारी सचिव भागलपुर श्री दीपक आनंद, जिला पदाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त और नगर आयुक्त भागलपुर सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहेंगे।
सभी छह पेंशन योजनाओं के लाभार्थी होंगे शामिल
जिले के 16 प्रखंडों की 238 पंचायतों और 1575 राजस्व ग्रामों में लाभार्थियों को बढ़ी हुई दर पर पेंशन की राशि हस्तांतरित की जाएगी। इस मौके पर सभी छह पेंशन योजनाओं — जिनमें वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन आदि शामिल हैं — के लाभार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
सरकार की मंशा: पेंशन योजना को बनाना पारदर्शी और प्रभावी
यह कार्यक्रम सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों को सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है।
यह आयोजन सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो जरूरतमंदों तक राज्य सरकार की योजनाओं को पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


