
भागलपुर जिले के कहलगांव स्थित परिसर में आयोजित बालिका सशक्तिकरण अभियान (Girls Empowerment Mission-GEM) 2026 का भव्य समापन समारोह उत्साह, ऊर्जा और प्रेरणादायक माहौल के बीच संपन्न हुआ। एक महीने तक चले इस विशेष अभियान ने ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास, नेतृत्व और जीवन कौशल से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया। 1 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित इस आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल बालिकाओं ने न केवल नई चीजें सीखीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम भी बढ़ाया।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भागलपुर की जिलाधिकारी उपस्थित रहीं। उनके साथ कहलगांव के अनुमंडल पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, एनटीपीसी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में अभिभावकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।
अपने संबोधन में जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बालिकाओं को जीवन में आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन की चुनौतियों का सामना करने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि यदि उनके भीतर सीखने की इच्छा, मेहनत और आत्मविश्वास है, तो कोई भी लक्ष्य उनके लिए असंभव नहीं है।
जिलाधिकारी ने कहा कि समाज में तेजी से बदलाव हो रहा है और नई पीढ़ी को केवल पारंपरिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक कौशल और नेतृत्व क्षमता की भी आवश्यकता है। उन्होंने इस प्रकार के अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को अवसर उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है ताकि वे अपने सपनों को नई उड़ान दे सकें। उनके अनुसार आत्मविश्वास और शिक्षा का संयोजन किसी भी बालिका को सशक्त नागरिक बना सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एनटीपीसी कहलगांव के परियोजना प्रमुख (प्रभारी) ने कहा कि बालिकाओं का सर्वांगीण विकास केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, संवाद क्षमता और जीवन कौशल भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। यही कारण है कि GEM अभियान को इस प्रकार तैयार किया गया ताकि बालिकाओं का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि एनटीपीसी केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित संस्था नहीं है, बल्कि सामाजिक विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाती है। कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के तहत ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों को अवसर देना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अभियान से जुड़ी बालिकाएं भविष्य में अपने परिवार, समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
समारोह में , तथा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने बालिकाओं के उत्साह और प्रशिक्षण के दौरान उनके अनुशासन की प्रशंसा की।
इस अवसर पर एक विशेष उपलब्धि भी दर्ज की गई। एनटीपीसी कहलगांव द्वारा पहली बार बालिका सशक्तिकरण अभियान (GEM) पुस्तिका का लोकार्पण किया गया। इस पुस्तिका में अभियान के दौरान हुई प्रमुख गतिविधियों, उपलब्धियों और प्रतिभागी बालिकाओं के अनुभवों को संकलित किया गया है। पुस्तिका का उद्देश्य आने वाले वर्षों में इस अभियान को और प्रभावी बनाना तथा अधिक बालिकाओं तक इसकी प्रेरणा पहुंचाना है।
इस वर्ष GEM 2026 में कुल 127 बालिकाओं ने भाग लिया। 27 दिनों तक चले आवासीय प्रशिक्षण में बालिकाओं को अनेक विषयों में प्रशिक्षित किया गया। इनमें कराटे, योग, आत्मरक्षा, विज्ञान, कला एवं शिल्प जैसे विषय प्रमुख रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम को इस तरह डिज़ाइन किया गया था कि बालिकाएं शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बन सकें।
कराटे और आत्मरक्षा प्रशिक्षण ने बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाया। प्रशिक्षकों ने उन्हें सिखाया कि आपात स्थिति में किस प्रकार स्वयं की रक्षा की जा सकती है। वहीं योग और ध्यान सत्रों ने मानसिक संतुलन, एकाग्रता और स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विज्ञान और कला से जुड़े सत्रों ने उनकी रचनात्मकता तथा विश्लेषणात्मक सोच को प्रोत्साहित किया।
प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं के भीतर नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। समूह गतिविधियों, संवाद सत्रों और टीम आधारित अभ्यासों के जरिए उनमें सहयोग, निर्णय क्षमता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यही गुण भविष्य में उन्हें आत्मनिर्भर और सक्षम नागरिक बनने में मदद करेंगे।
समापन समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा बालिकाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। प्रतिभागियों ने गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान कई अभिभावक भावुक भी नजर आए, क्योंकि उन्होंने अपनी बेटियों में आए सकारात्मक बदलाव को करीब से महसूस किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी बालिकाओं को प्रमाण-पत्र, GEM पुस्तिका और हिंदी की पांच प्रेरणादायी पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके परिश्रम और समर्पण का प्रतीक बना। बालिकाओं के चेहरों पर आत्मविश्वास और उपलब्धि की खुशी साफ झलक रही थी।
एनटीपीसी का यह बालिका सशक्तिकरण अभियान केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की बेटियों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। यह अभियान स्पष्ट संदेश देता है कि जब अवसर, मार्गदर्शन और सही मंच मिलता है, तो ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाएं भी हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।
कहलगांव में आयोजित यह समापन समारोह उम्मीद और प्रेरणा की नई कहानी लिख गया। यह साबित हुआ कि शिक्षा, कौशल विकास और आत्मविश्वास के जरिए बालिकाओं को सशक्त बनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। आने वाले समय में ऐसे अभियान निश्चय ही महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।


