
खबर के मुख्य बिंदु:
- नई पहल: जल, स्वच्छता और अन्य शिकायतों के लिए भागलपुर में बन रहा है ‘जन समाधान केंद्र’।
- लोकेशन: जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय के भू-तल पर स्थापित होगा जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष।
- त्वरित एक्शन: PHED (पूर्वी एवं पश्चिमी प्रमंडल) के कर्मी होंगे तैनात, शिकायतों पर तुरंत होगी कार्रवाई।
- DM का निर्देश: आम जनता की सुविधा के लिए समाचार पत्रों में हेल्पलाइन नंबर प्रकाशित करने का आदेश।
भागलपुर: जिले की बुनियादी समस्याओं, विशेषकर पानी और साफ-सफाई की शिकायतों के प्रभावी निपटारे के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के निर्देश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय के ग्राउंड फ्लोर पर एक अत्याधुनिक ‘जन समाधान केंद्र’ (नियंत्रण कक्ष) का निर्माण किया जा रहा है। शुक्रवार को जिलाधिकारी ने खुद निर्माण स्थल का मुआयना किया और वहां की तैयारियों का जायजा लिया।
कैसे काम करेगा ‘जन समाधान केंद्र’?
यह केंद्र जिले में जल संकट और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं के लिए ‘सिंगल विंडो’ के रूप में काम करेगा:
- PHED की मुस्तैदी: लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के पूर्वी और पश्चिमी प्रमंडल के कर्मियों की यहां तैनाती की जाएगी।
- त्वरित समाधान: पाइपलाइन लीकेज, पानी की सप्लाई में गड़बड़ी या स्वच्छता से जुड़ी कोई भी सूचना प्राप्त होते ही विभाग की टीम को तुरंत मौके पर भेजा जाएगा।
- सीधी निगरानी: केंद्र की गतिविधियों की मॉनिटरिंग जिला स्तर पर होगी ताकि शिकायतों के निपटारे में देरी न हो।
DM का मास्टरप्लान: सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को सख्त निर्देश दिए कि आम जनता को इस केंद्र के बारे में जागरूक किया जाए।
जिलाधिकारी के प्रमुख निर्देश:
- नियंत्रण कक्ष का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
- केंद्र का हेल्पलाइन/दूरभाष नंबर प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाए।
- तैनात कर्मी प्राप्त सूचनाओं पर बिना देरी किए ‘एक्शन मोड’ में रहें।
VOB का नजरिया: जवाबदेही की ओर एक कदम
अक्सर देखा जाता है कि पानी या सफाई से जुड़ी छोटी समस्याओं के लिए भी लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ‘जन समाधान केंद्र’ और उसके हेल्पलाइन नंबरों के सार्वजनिक होने से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि सरकारी विभागों की जवाबदेही भी तय होगी। भागलपुर प्रशासन की यह पहल ‘डिजिटल सुशासन’ की दिशा में एक प्रभावी कदम है।


