अब लंबी कतारों की जरूरत नहीं, नीतीश सरकार में घर बैठे बनवा सकेंगे ऑनलाइन राशन कार्ड

राज्य सरकार ने प्रक्रिया को बनाया पूरी तरह डिजिटल, बुजुर्गों और महिलाओं को मिलेगी विशेष राहत

पटना, 02 जुलाई।बिहार सरकार ने आम जनता को राहत देते हुए ऑनलाइन राशन कार्ड बनवाने की सुविधा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में राज्य में प्रशासनिक कार्यों को पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम है। अब राशन कार्ड के लिए दफ्तरों के चक्कर और कतारों में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोग अपने घर से ही यह आवेदन ऑनलाइन भर सकेंगे।

आवेदन की प्रक्रिया:

राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदक को
👉 Rconline.bihar.gov.in
वेबसाइट पर जाकर

  • ‘न्यू यूजर साइन अप फॉर मेरी पहचान’ पर क्लिक करना होगा
  • मोबाइल OTP के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा
  • लॉगिन कर आवेदन पत्र भर सकते हैं

जरूरी दस्तावेज:

  • परिवार के सदस्यों की जानकारी
  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • निवास प्रमाण पत्र
  • परिवार का फोटो (JPG/JPEG)
  • आवेदक के हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी
  • (यदि लागू हो) आय, जाति, या दिव्यांगता प्रमाण पत्र की स्वहस्ताक्षरित कॉपी

आवेदन के बाद मोबाइल पर SMS के जरिए रेफरेंस नंबर मिलेगा, जिससे आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।


वन नेशन वन राशन कार्ड योजना से लाभ:

बिहार सरकार ने राशन वितरण को भी ज्यादा लचीला और लाभकारी बनाया है।
अब बिहार या किसी भी अन्य राज्य की जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकान से राशन प्राप्त किया जा सकता है।

  • अब तक 89 लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों ने इस सुविधा का लाभ लिया है।
  • 8.35 करोड़ लाभार्थियों को हर महीने मुफ्त खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है।

राशन वितरण में मिलने वाली सुविधाएं:

  • AAY परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम खाद्यान्न (7 किलो गेहूं + 28 किलो चावल)
  • PHH लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम खाद्यान्न (1 किलो गेहूं + 4 किलो चावल)
  • साथ ही दाल, नमक, तेल जैसी आवश्यक वस्तुएं भी अब राशन के तहत मिल रही हैं।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाएं और राशन कार्ड बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि प्रक्रिया पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त भी होगी।

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नीतीश सरकार का यह कदम राज्य के गरीब, बुजुर्ग और महिला लाभार्थियों के लिए राहतभरा साबित हो रहा है।

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