मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत 30 जून से शुरू होगी नई पहल
पटना, 29 जून 2025:बिहार सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन के प्रति सजग और सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम’ को नए स्वरूप में शुरू करने जा रही है। इसके अंतर्गत राज्य के सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रत्येक शनिवार को ‘सुरक्षित शनिवार’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें छात्रों को आपदा से बचाव के गुर सिखाए जाएंगे।
इस विशेष पहल को प्रभावी रूप देने के लिए प्रत्येक विद्यालय से एक-एक शिक्षक को फोकल शिक्षक के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिन्हें पटना स्थित चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान (सीआईएमपी) में दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत 30 जून 2025 से हो रही है और यह 26 सितंबर 2025 तक चरणबद्ध रूप से आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक बैच में राज्यभर के 150-150 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की योजना है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि प्रत्येक स्कूल में कम-से-कम एक शिक्षक आपदा प्रबंधन के लिए पूर्णतः प्रशिक्षित हो, जो अपने विद्यालय में हर शनिवार को छात्रों को भूकंप, अगलगी, बाढ़, बिजली गिरना, और अन्य आपात स्थितियों में सतर्कता व बचाव की जानकारी दें। इन सत्रों में विद्यार्थियों को स्वयं को और अन्य को सुरक्षित रखने की व्यावहारिक तकनीकें भी सिखाई जाएंगी।
बच्चे बनेंगे जागरूकता के वाहक
प्रशिक्षित छात्र न केवल विद्यालय में बल्कि अपने गांव, मोहल्ले और परिवार में भी लोगों को आपदा सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। यह प्रयास समुदाय स्तर पर भी जागरूकता फैलाने में सहायक सिद्ध होगा।
कोरोना के कारण रुका, अब नए स्वरूप में पुनः शुरू
उल्लेखनीय है कि यह योजना 2018-19 में आरंभ की गई थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान इसका क्रियान्वयन स्थगित कर दिया गया था। अब इसे माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में व्यवस्थित और सुदृढ़ स्वरूप में लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
सरकारी दिशा-निर्देश जारी
इस संबंध में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य योजना निदेशक मयंक बड़बड़े द्वारा सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें कार्यक्रम के उद्देश्यों, प्रशिक्षण की प्रक्रिया और स्कूलों में संचालन के तौर-तरीकों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
बिहार सरकार की यह पहल न केवल विद्यार्थियों को सुरक्षित रहने का व्यवहारिक प्रशिक्षण देगी, बल्कि एक आपदा-सजग पीढ़ी के निर्माण की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो सकती है।


